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दुर्लभ खनिज चुंबक उद्योग को बढ़ावा: सरकार का ₹7,280 करोड़ का बड़ा निवेश India Imports Rare Earth Magnets
सत्यालेख की रिपोर्ट के अनुसार, भारत अपने बढ़ते औद्योगिक आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए चीन और जापान सहित विभिन्न सहयोगी देशों से दुर्लभ खनिज चुंबक का आयात कर रहा है।
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बुधवार को यह जानकारी देते हुए बताया कि एक बार जब देश में इनका स्थानीय उत्पादन शुरू हो जाएगा, तो भारत अधिशेष उत्पादन का निर्यात करने की योजना बना रहा है।
यह कदम देश को इस महत्वपूर्ण क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने और वैश्विक मार्केट में अपनी स्थिति मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा निवेश है।
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने हाल ही में ‘ठोस दुर्लभ खनिज स्थायी चुंबकों (REPM) के विनिर्माण के लिए 7,280 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन योजना’ को स्वीकृति प्रदान की है।
इस योजना का उद्देश्य देश में REPM विनिर्माण उद्योग को बढ़ावा देना है।
इस विशाल वित्त पैकेज में पांच वर्षों के लिए REPM की बिक्री से संबंधित 6,450 करोड़ रुपये का प्रोत्साहन और प्रति वर्ष 6,000 टन REPM विनिर्माण सुविधाएँ स्थापित करने के लिए 750 करोड़ रुपये की पूंजीगत सब्सिडी शामिल है।
यह सुनिश्चित करेगा कि भारत न केवल अपनी आंतरिक मांग को पूरा कर सके, बल्कि भविष्य में एक प्रमुख निर्यातक भी बन सके।
यह महत्वपूर्ण पहल भारत को वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में एक मजबूत खिलाड़ी के रूप में स्थापित करेगी, विशेष रूप से ऐसे समय में जब भू-राजनीतिक तनाव अक्सर महत्वपूर्ण संसाधनों की पहुंच को प्रभावित करते हैं।
इस निवेश से देश के उद्योग क्षेत्र को एक नई दिशा मिलेगी और दीर्घकालिक आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान मिलेगा।
- सरकार ने दुर्लभ खनिज चुंबक विनिर्माण के लिए ₹7,280 करोड़ की प्रोत्साहन योजना को मंजूरी दी।
- भारत चीन और जापान सहित कई देशों से दुर्लभ खनिज चुंबकों का आयात करता है।
- स्थानीय उत्पादन शुरू होने पर भारत अधिशेष खनिज चुंबकों का निर्यात करेगा।
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Posted on 27 November 2025 | Follow सत्यालेख.com for the latest updates.
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