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कांग्रेस की राजनीति पर सवाल: क्या भ्रष्टाचार से समझौता पड़ा भारी? Lalu Family Irctc Scam Verdict
सत्यालेख की रिपोर्ट के अनुसार, केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की विशेष अदालत ने पिछले महीने आईआरसीटीसी होटल घोटाला मामले में राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव, उनकी पत्नी राबड़ी देवी और बेटे तेजस्वी प्रसाद यादव सहित कुल 14 आरोपियों के खिलाफ आरोप तय किए हैं।
यह खबर राष्ट्रीय राजनीति में व्यापक रूप से चर्चा में रही, लेकिन आश्चर्यजनक रूप से कांग्रेस पार्टी ने इसे और लालू यादव से जुड़े अन्य भ्रष्टाचार के मामलों को नजरअंदाज कर दिया।
कांग्रेस के इस रवैये ने मतदाताओं के बीच यह संदेश दिया कि वह सत्ता के लिए भ्रष्टाचार से समझौता करने को तैयार है, जिसका सीधा असर उनके चुनावी प्रदर्शन पर पड़ा।
बिहार विधानसभा चुनाव में इसका स्पष्ट प्रमाण देखने को मिला, जहां मतदाताओं ने कांग्रेस को एक प्रमुख विपक्षी राजनीतिक दल के रूप में भी लगभग भुला दिया।
जनता ने भ्रष्टाचार और जंगलराज जैसे गंभीर मुद्दों पर कांग्रेस के मौन को अस्वीकार कर दिया, जिससे पार्टी को करारी हार का सामना करना पड़ा।
यह स्थिति तब और चिंताजनक हो जाती है जब हम देखते हैं कि कांग्रेस ने अपनी पिछली गलतियों से कोई सबक नहीं सीखा है।
आज भी देश की राजनीति में भ्रष्टाचार और कानून-व्यवस्था सबसे बड़े मुद्दे बने हुए हैं, और नेता इन पर स्पष्ट रुख न अपनाकर जनता का विश्वास खो रहे हैं।
कांग्रेस का यह रुख उसके जनाधार को और कमजोर कर रहा है, जबकि आम मतदाता स्वच्छ और जवाबदेह शासन चाहते हैं।
आगामी चुनावों में कांग्रेस को यदि अपनी स्थिति सुधारनी है, तो उसे भ्रष्टाचार के खिलाफ एक मजबूत और निर्भीक स्टैंड लेना होगा, अन्यथा मतदाताओं का यह रुख उसे और हाशिए पर धकेल सकता है।
- सीबीआई ने आईआरसीटीसी घोटाले में 14 आरोपियों पर आरोप तय किए।
- कांग्रेस ने भ्रष्टाचार मामलों को अनदेखा किया, जिससे मतदाता नाराज हुए।
- बिहार चुनाव में कांग्रेस को मिली हार का मुख्य कारण यही समझौता था।
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Posted on 27 November 2025 | Keep reading सत्यालेख.com for news updates.
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