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भारतीय रुपया हुआ मजबूत: कच्चे तेल में नरमी से वित्त बाजार पर असर Rupee Gains On Crude Softening
सत्यालेख की रिपोर्ट के अनुसार, शुक्रवार को भारतीय रुपया शुरुआती कारोबार में डॉलर के मुकाबले पांच पैसे की मामूली बढ़त के साथ 88.63 पर पहुंच गया।
यह उछाल वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में आई नरमी और घरेलू शेयर बाजारों में विदेशी पूंजी के मजबूत निवेश के कारण देखने को मिला है।
अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय मार्केट में, रुपया 88.67 प्रति डॉलर पर खुला और जल्द ही 88.63 के स्तर पर पहुंच गया, जो निवेशकों के लिए सकारात्मक संकेत है।
पिछले दिन की गिरावट के बाद रुपये की इस बढ़त ने वित्त विशेषज्ञों का ध्यान खींचा है, क्योंकि बृहस्पतिवार को रुपया 20 पैसे कमजोर होकर 88.68 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था।
हालांकि, अमेरिकी डॉलर सूचकांक, जो छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले डॉलर की ताकत को दर्शाता है, 0.01 प्रतिशत की मामूली बढ़त के साथ 100.09 पर स्थिर रहा।
घरेलू शेयर बाजारों में सेंसेक्स और निफ्टी में शुरुआती गिरावट दर्ज की गई, जहां सेंसेक्स 172.32 अंक गिरकर 85,460.36 अंक पर और निफ्टी 59.35 अंक की गिरावट के साथ 26,132.80 अंक पर आ गया।
अंतरराष्ट्रीय ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतें भी 1.29 प्रतिशत घटकर 62.56 डॉलर प्रति बैरल पर रहीं, जो भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए एक सकारात्मक कारक है।
शेयर बाजार के आंकड़ों से पता चलता है कि विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने बृहस्पतिवार को सक्रियता दिखाई और शुद्ध रूप से 283.65 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।
यह विदेशी निवेश भारतीय पूंजी मार्केट में विश्वास को दर्शाता है और रुपये की मजबूती में अहम भूमिका निभा सकता है।
भारतीय उद्योग और वित्त क्षेत्र के लिए यह एक महत्वपूर्ण अवधि है, जहां वैश्विक आर्थिक गतिविधियों का सीधा असर घरेलू बाजारों पर दिख रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि कच्चे तेल की कीमतों में स्थिरता और सतत विदेशी निवेश रुपये को आगे भी समर्थन प्रदान कर सकता है।
- रुपया शुरुआती कारोबार में पांच पैसे की बढ़त के साथ 88.63 प्रति डॉलर पर.
- कच्चे तेल में नरमी और विदेशी निवेश ने रुपये को मजबूती दी.
- शेयर बाजार में गिरावट, पर FIIs ने 283.65 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे.
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Posted on 22 November 2025 | Visit सत्यालेख.com for more stories.
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