जानकारी के अनुसार, संतोष वंशकार पुत्र पुन्नालाल वंशकार, निवासी ग्राम डुमगुना, जो कि वन विभाग में चौकीदार के पद पर कार्यरत है। संतोष ने बताया कि वह अपनी ड्यूटी पर तैनात था, तभी उसने देखा कि वनगवां गांव के रघुवर कुशवाह, वृंदावन कुशवाह, सुनील कुशवाह और सत्येंद्र कुशवाह अवैध रूप से लकड़ी काट रहे थे।
जब संतोष ने उन्हें लकड़ी काटने से रोका और उनकी कुल्हाड़ी व साइकिल जब्त करने की कोशिश की, तो चारों आरोपियों ने मिलकर उसके साथ बेरहमी से मारपीट कर दी।
पीड़ित संतोष का कहना है कि इस घटना के बाद वह करैरा थाने रिपोर्ट दर्ज कराने गया था, लेकिन वहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने उसकी एक न सुनी और उसे थाने से भगा दिया।
पीड़ित ने एसपी कार्यालय में आवेदन सौंपते हुए मांग की है कि शासकीय कार्य में बाधा डालने और मारपीट करने वाले आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। पीड़ित का कहना है कि यदि ऐसे ही दबंगों के हौसले बुलंद रहे, तो वन संपदा की रक्षा करना मुश्किल हो जाएगा और कर्मचारियों की सुरक्षा भी खतरे में रहेगी।


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