राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ द्वारा आयोजित इस हिन्दू सम्मेलन में मुख्य वक्ता आरएसएस के प्रांत कार्यवाह हेमंत सेठिया ने कहा कि सामाजिक समरसता और भाईचारा हमारे हिन्दू समाज को आगे ले जाने का काम करेगा। हम महाराणा प्रताप,शिवाजी के वंशज हैं जो घास की रोटी खाकर भी अपने स्वाभिमान से समझौता नहीं करते। हम सभी भारत माता की संतान हैं और संतानों में भेद नहीं हो सकता। जिसने हिन्दू का नाम धारण कर लिया वो नाम ही पवित्र और पावन है। हिंदू संस्कृति तो वो संस्कृति है जो पशुओं में भी देवत्व का रूप देखती है।
संत देवमुरारी बापू ने विशाल जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि हमें हिन्दू सहोदरा की बात पर अमल करना होगा। जब हम सुरक्षित होंगे तो समाज और राष्ट्र सुरक्षित होगा इसलिए राष्ट्र,समाज और परिवार को मजबूती देने के लिए हिंदू समाज को एक होने की आज बहुत आवश्यकता है। कार्यक्रम में आचार्य दुर्गा प्रसाद शर्मा ने भी अपने विचार रखे। हिंदू सम्मेलन का समापन भारत माता की आरती से हुआ। अंत में सहभोज हुआ जिसमें हजारों लोगों ने भोजन प्रसाद ग्रहण किया। हिंदू सम्मेलन में विभिन्न संत महात्मा,गणमान्य जन और आसपास के ग्रामीणजन हजारों की संख्या में उपस्थित रहे।


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