इसके पश्चात कार्यक्रम में आने वाले किसानों को जिले के उपसंचालक सह परियोजना संचालक आत्मा पान सिंह करोरिया के द्वारा प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए बड़े ही सरलता से जीवामृत, बीजमृत, घनजीवामृत किस प्रकार बनाकर उसका प्राकृतिक खेती की फसल में उपयोग हो उसके बारे में विस्तृत रूप से बताया।
इस अवसर पर कृषि विज्ञान केंद्र के प्रमुख एवं वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ.पुनीत राठौर एवं डॉ.एमके भार्गव द्वारा भी केवीके पर मॉडल प्राकृतिक खेती इकाई पर जीवंत प्रदर्शन कर सम्मेलन में आए हुए किसान भाइयों को प्राकृतिक खेती के बारे में विस्तृत रूप से बताया। इस अवसर पर कार्यक्रम में सहायक संचालक कृषि डॉ.किरण रावत कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डॉ.पुष्पेंद्र सिंह के जिले के विकासखंड के सभी ब्लॉक तकनीकी प्रबंधक आत्मा के साथ-साथ के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। अंत में कार्यक्रम में सहायक संचालक कृषि डॉ.किरण रावत द्वारा आए हुए सभी अतिथि गणों एवं किसानों का आभार प्रकट कर कार्यक्रम का समापन किया गया।


.jpg)