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विश्व एड्स दिवस: एचआईवी से एड्स तक का सफर कितना लंबा? जानिए डॉक्टरी सलाह Hiv Social Stigma Misconceptions
सत्यालेख की रिपोर्ट के अनुसार, एचआईवी (HIV) का नाम सुनते ही कई लोगों के मन में विभिन्न सवाल उठना स्वाभाविक है, क्योंकि यह एक ऐसी बीमारी है जिसके साथ सामाजिक कलंक और गलतफहमियाँ गहराई से जुड़ी हुई हैं।
हर साल 1 दिसंबर को विश्व एड्स दिवस मनाया जाता है, जिसका मुख्य उद्देश्य एचआईवी/एड्स के बारे में जन जागरूकता बढ़ाना, इस `बीमारी` से जुड़े मिथकों और भेदभाव को दूर करना, तथा इससे प्रभावित लोगों के प्रति समर्थन व संवेदना प्रकट करना है।
ह्यूमन इम्यूनोडेफिशिएंसी वायरस (HIV) हमारी प्रतिरक्षा प्रणाली को धीरे-धीरे कमजोर करता है, जिससे शरीर अन्य संक्रमणों के प्रति अधिक संवेदनशील हो जाता है।
यह `बीमारी` मुख्य रूप से असुरक्षित यौन संबंध, संक्रमित सुइयों के प्रयोग और संक्रमित रक्त के संपर्क में आने से फैल सकती है।
यदि सही समय पर एचआईवी के लक्षणों को नहीं पहचाना जाता और आवश्यक `उपचार` शुरू नहीं किया जाता, तो यह एड्स का रूप ले सकती है, जो एक लाइलाज स्थिति बन जाती है।
हालांकि, आधुनिक चिकित्सा के आगमन से अब `डॉक्टर` की सलाह और लाइफस्टाइल में आवश्यक बदलावों के माध्यम से एचआईवी पॉजिटिव व्यक्तियों की जीवन अवधि को काफी हद तक बढ़ाया जा सकता है।
आम तौर पर, एचआईवी से एड्स बनने में बिना `उपचार` के 5 से 10 साल का समय लग सकता है, लेकिन यह हर व्यक्ति में अलग-अलग हो सकता है।
विश्व एड्स दिवस का महत्व हमें यह भी याद दिलाता है कि `स्वास्थ्य` के प्रति हमारी जिम्मेदारी सामूहिक है।
जागरूकता फैलाने और इस `बीमारी` के प्रति समाज में व्याप्त भय को कम करने से ही हम एक स्वस्थ और समावेशी समाज का निर्माण कर सकते हैं।
सही जानकारी, नियमित जांच और `डॉक्टर` की सलाह का पालन करना `फिटनेस` बनाए रखने और इस संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
- विश्व एड्स दिवस 1 दिसंबर को जागरूकता और भेदभाव मिटाने हेतु मनाया जाता है।
- एचआईवी से एड्स बनने में 5-10 साल लग सकते हैं, उपचार से जीवन अवधि बढ़ती है।
- असुरक्षित संबंध और संक्रमित सुई से फैलता है; शुरुआती पहचान है जरूरी।
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Posted on 01 December 2025 | Keep reading सत्यालेख.com for news updates.
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