नेताओं का आरोप है कि कोलारस क्षेत्र अंतर्गत आने वाली वन भूमि पर वर्षों से कई लोगों का कब्जा है, लेकिन वन विभाग केवल गरीब और असहाय किसानों की भूमि को ही कब्जा मुक्त कर रहा है, जबकि रसूखदार, राजनेता एवं दबंग व्यक्तियों द्वारा किए गए कब्जों पर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही।
ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि खैरोना डांग, रामराई, गणेशखेड़ा, झाडेल, केलधार लेवा, किशनपुर सहित कई ग्रामों में गरीब किसान पीढ़ियों से खेती कर जीवनयापन कर रहे हैं और वहीं झोपड़ियां बनाकर रह रहे हैं। यदि उनकी झोपड़ियां भी हटाई गईं तो सैकड़ों परिवार बेघर हो जाएंगे।
वीरेन्द्र जाटव और साजिद खान ने मांग की है कि यदि वन विभाग वास्तव में अतिक्रमण हटाना चाहता है तो अमीर-गरीब, रसूखदार-सामान्य सभी के खिलाफ समान कार्रवाई की जाए। साथ ही जिन गरीब परिवारों का विस्थापन हो रहा है, उन्हें वैकल्पिक रूप से राजस्व भूमि आवंटित की जाए।
नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि 7 दिनों के भीतर कार्रवाई पर रोक नहीं लगाई गई और न्यायोचित निर्णय नहीं हुआ, तो बड़ी संख्या में किसान कलेक्टर कार्यालय का घेराव करने एवं विरोध प्रदर्शन के लिए मजबूर होंगे।
प्रशासन की ओर से फिलहाल इस मामले में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।


.jpg)