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EPFO का बड़ा कदम: पीएफ विवाद अब किसी भी शहर में सुलझेंगे, निवेश होगा आसान Epfo Operations Undergo Major Changes
गुजरात के वटवा में, केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री मनसुख मांडविया ने सत्यालेख की रिपोर्ट के अनुसार कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के कामकाज में क्रांतिकारी बदलावों की घोषणा की है।
अब सभी ईपीएफओ ऑफिसों को पासपोर्ट सेवा केंद्रों की तरह 'सिंगल-विंडो सर्विस सेंटर' बनाया जाएगा।
इससे पीएफ खाताधारकों को देश के किसी भी रीजनल ऑफिस में अपनी समस्याएं सुलझाने की सुविधा मिलेगी, जिससे उस विशेष ऑफिस के चक्कर काटने की मजबूरी खत्म हो जाएगी जहाँ उनका पीएफ खाता रजिस्टर्ड है।
यह बदलाव विशेष रूप से उन लोगों के लिए फायदेमंद होगा जो अक्सर शहरों में बदलते रहते हैं और जिनके लिए अपने पुराने ऑफिस से संपर्क बनाए रखना मुश्किल होता है।
दिल्ली में इस नई व्यवस्था का पायलट प्रोजेक्ट पहले ही शुरू हो चुका है।
मंत्री मांडविया ने बताया कि मॉडर्न टेक्नोलॉजी का उपयोग करके इसे पूरी तरह डिजिटल और कनेक्टेड बनाया जा रहा है।
इससे किसी भी शहर का व्यक्ति नजदीकी ईपीएफओ ऑफिस में जाकर अपना काम आसानी से करा सकेगा।
इस कदम का उद्देश्य मार्च 2026 तक 100 करोड़ लोगों को कवर करना है, जिससे ज्यादा से ज्यादा लोगों को ईपीएफओ की सुविधाओं का लाभ मिल सके।
यह 'ईपीएफ सुविधा प्रोवाइडर' के माध्यम से किया जाएगा, जिससे पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित होगी।
यह सुधार न केवल सेवा को सुगम बनाएगा बल्कि 'निवेश' और 'वित्त' संबंधी प्रक्रियाओं को भी सरल करेगा, जिससे 'उद्योग' और 'मार्केट' में सकारात्मक बदलाव आएगा।
इस पहल से कर्मचारियों को अपने 'शेयर' और भविष्य निधि संबंधित मामलों में बेहतर सुविधा मिलेगी।
- EPFO ऑफिस बनेंगे पासपोर्ट सेवा केंद्र जैसे, मिलेंगी सिंगल-विंडो सेवाएं।
- पीएफ खाताधारक किसी भी शहर के EPFO ऑफिस में सुलझा सकेंगे अपने विवाद।
- मार्च 2026 तक 100 करोड़ लोगों को EPFO के दायरे में लाने का लक्ष्य।
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Posted on 27 December 2025 | Visit सत्यालेख.com for more stories.
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