बाराबंकी की पूजा ने कैसे बदली गांव की पहचान, जानिए! राजनीति Village Transforms Girl's Identity

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बाराबंकी की पूजा ने कैसे बदली गांव की पहचान, जानिए! राजनीति Village Transforms Girl's Identity

बाराबंकी में, सत्यालेख की रिपोर्ट के अनुसार, अगेहरा गांव, जिसका पिन कोड 225206 था, अब सिर्फ एक नंबर नहीं, बल्कि 17 वर्षीय पूजा पाल की पहचान बन गया है।

यह बदलाव तब आया जब पूजा ने अपने गांव में स्कूल के पास चलने वाले थ्रेशरों से उड़ने वाली धूल की समस्या को महसूस किया।

सालों से, गेहूं कटाई के मौसम में उड़ने वाली धूल गांव के लोगों के लिए, खासकर श्वास रोगों से पीड़ित लोगों के लिए, एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या बन गई थी।

पूजा ने इस समस्या को हल करने का दृढ़ निश्चय किया।

उसने देखा कि कैसे थ्रेशर से निकलने वाली धूल कक्षाओं तक पहुंचती थी, जिससे बच्चों का पढ़ना, लिखना और सांस लेना भी मुश्किल हो जाता था।

इस समस्या के प्रति जागरूकता बढ़ाने और समाधान ढूंढने के लिए, पूजा ने अथक प्रयास किया।

उसके प्रयासों का परिणाम यह हुआ कि आज अगेहरा गांव को गूगल पर एक नई पहचान मिली है।

यह कहानी दिखाती है कि कैसे एक युवा लड़की अपने प्रयासों से अपने समुदाय में बदलाव ला सकती है।

इस घटना से स्थानीय **राजनीति** में भी जागरूकता आई है, और **नेता** अब पर्यावरण संबंधी मुद्दों पर ध्यान दे रहे हैं।

आगामी **चुनाव** में यह मुद्दा छाया रह सकता है, जिसमें **कांग्रेस** और **बीजेपी** दोनों ही इसे भुनाने की कोशिश कर सकते हैं।

  • 17 वर्षीय पूजा पाल ने गांव को दिलाई नई पहचान।
  • थ्रेशर की धूल से परेशान होकर उठाया कदम।
  • स्थानीय **राजनीति** में छाया पर्यावरण का मुद्दा।

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Posted on 25 December 2025 | Visit सत्यालेख.com for more stories.

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