अपनों से बड़ों का सम्मान करना केवल राजनीति का विषय नहीं, बल्कि यह हमारे संस्कारों और पारिवारिक मूल्यों का प्रतीक

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अपनों से बड़ों का सम्मान करना केवल राजनीति का विषय नहीं, बल्कि यह हमारे संस्कारों और पारिवारिक मूल्यों का प्रतीक है भारतीय समाज में बड़ों के प्रति आदर-सम्मान एक स्थापित परंपरा रही है, जिसे राजनीति से ऊपर माना जाता है


आज के राजनीतिक वातावरण में, जहां पद, सत्ता और अहंकार अक्सर हावी दिखाई देते हैं, वहीं कुछ दृश्य ऐसे भी सामने आते हैं जो समाज को सोचने पर मजबूर करते हैं हाल ही में सामने आई दो तस्वीरें इसी संदर्भ में चर्चा का विषय बनी हुई हैं


पहली तस्वीर में पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं वर्तमान मध्य प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर के बड़े पुत्र रामू तोमर, करैरा विधायक रमेश प्रसाद खटीक के चरण स्पर्श करते हुए दिखाई दे रहे हैं यह दृश्य इस बात का प्रतीक है कि राजनीतिक विरासत और पद के बावजूद संस्कारों को प्राथमिकता दी जा रही है उम्र, अनुभव और सामाजिक मर्यादा का सम्मान करना भारतीय संस्कृति की मूल आत्मा है, और यह तस्वीर उसी भावना को दर्शाती है


वहीं दूसरी तस्वीर ने राजनीतिक और सामाजिक हलकों में बहस को जन्म दिया है इसमें वर्तमान केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के पुत्र आर्यमान सिंधिया (जिन्हें युवराज कहा जाता है) के चरण स्पर्श करते हुए शिवपुरी विधायक देवेंद्र जैन नजर आ रहे हैं उल्लेखनीय है कि विधायक देवेंद्र जैन राजनीति में 35 वर्षों से अधिक का अनुभव रखते हैं, दो बार शिवपुरी से विधायक रह चुके हैं और उनकी आयु 60 वर्ष से अधिक है


राजनीति का मूल उद्देश्य जनता की सेवा और उनकी समस्याओं का समाधान होना चाहिए जनप्रतिनिधियों को सम्मान व्यक्ति नहीं, बल्कि जनता देती है लोकतंत्र में सर्वोपरि जनता है, न कि कोई वंश या उपाधि.!!

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