अधिवक्ता अमजद खांन के अनुसार, घटना के समय वे एस.डी.एम. कोर्ट शिवपुरी में कार्यरत थे। तभी उनकी माता का फोन आया कि बिजली विभाग के कर्मचारी घर में जबरन घुसकर मीटर जांच को लेकर विवाद कर रहे हैं और पुलिस को बुला लिया गया है। सूचना मिलते ही वे अपने कुछ अधिवक्ता साथियों के साथ घर पहुंचे, जहां बिजली विभाग के कई कर्मचारी और पुलिसकर्मी मौजूद थे। अधिवक्ता का आरोप है कि जब उन्होंने कार्रवाई से संबंधित वैध दस्तावेज दिखाने को कहा, तो कर्मचारियों ने बिना उचित प्रक्रिया के अंधेरे में मीटर निकालकर नया मीटर लगा दिया।
अधिवक्ता ने यह भी आरोप लगाया कि मीटर हटाने और लगाने की प्रक्रिया के दौरान कई वीडियो बनाए गए, जो उनके पास सुरक्षित हैं। शाम करीब 6:30 बजे जब कर्मचारी और पुलिस जाने लगे, तो रास्ते में मीटर गायब हो गया। इस पर बिजली कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि घर के किसी सदस्य ने मीटर ले लिया है, हालांकि तलाशी के बाद भी मीटर घर में नहीं मिला।
शिकायत में यह भी कहा गया है कि इस दौरान कर्मचारियों ने घर की महिलाओं के साथ अभद्र व्यवहार किया और एक कर्मचारी द्वारा राजनीतिक रसूख का हवाला देते हुए धमकी भी दी गई, जिससे परिवार भयभीत है।
घटना के बाद बिजली विभाग के कर्मचारी थाना देहात शिवपुरी पहुंचे और अधिवक्ता के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराई गई। वहीं, अधिवक्ता का कहना है कि जब उन्होंने अपनी शिकायत लेकर थाना प्रभारी देहात शिवपुरी से संपर्क किया, तो उनके साथ भी अभद्र व्यवहार किया गया और उन्हें धमकाया गया।
अधिवक्ता अमजद खांन ने संबंधित अधिकारियों से मामले की निष्पक्ष जांच कर बिजली विभाग के दोषी कर्मचारियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने अपनी शिकायत के साथ अखबार में प्रकाशित खबर की छायाप्रति और कथित अभद्र व्यवहार से जुड़े वीडियो क्लिप भी संलग्न किए हैं।



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