कार्यक्रम में विभाग की उपसंचालक नम्रता गुप्ता ने सुनने में असमर्थ दिव्यांगजनों को शासन की विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी और सांकेतिक भाषा सीखने की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। मुख्य अतिथि जिला परियोजना समन्वयक डी.एस. सिकरवार ने शिक्षा विभाग के शिक्षकों के लिए शीघ्र ही सांकेतिक भाषा का विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने पर बल दिया।
स्पेशल एजुकेटर उर्वशी राजपूत ने वर्तमान समय में सांकेतिक भाषा के महत्व को रेखांकित किया। वहीं एसीपी हरीश शर्मा, एमआरसी प्रदीप शर्मा एवं अन्य वक्ताओं ने भी अपने विचार साझा किए। जिला दिव्यांग पुनर्वास केंद्र के संजीव भार्गव ने आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम में बच्चों द्वारा सांकेतिक भाषा में संवाद का प्रदर्शन किया गया तथा उन्हें उपहार प्रदान किए गए। इस अवसर पर सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग शिवपुरी एवं जिला दिव्यांग पुनर्वास केंद्र के अधिकारी-कर्मचारी भी उपस्थित रहे।


