खाद संकट दूर करने, एनपीके पर डीएपी जैसी सब्सिडी देने, अतिवृष्टि व वायरस से नुकसान की भरपाई करने, कृषि यंत्रों पर अनुदान व तार फेंसिंग सहायता बढ़ाने की मांग की गई। सिंचाई परियोजनाएं पूरी करने, नहरों की मरम्मत करने और बिजली में गलत बिलिंग, ट्रांसफार्मर बदलने व नए कनेक्शन की समस्याएं सुलझाने की बात कही गई।
राजस्व विभाग से नामांतरण, फौती, पारिवारिक बंटवारे में पारदर्शिता, खेतों के रास्तों का नक्शों में अंकन व निजी भूमि इंद्राज दुरुस्ती की मांग रखी गई। साथ ही गोवंश संरक्षण, कृषि न्यायालय, बंद मंडियों को शुरू करने और किसान प्रतिनिधियों को निगरानी समितियों में शामिल करने की भी मांग की गई। इस दौरान भाकिसं जिलाध्यक्ष बृजेश धाकड, मंत्री बृजेश शर्मा, सह मंत्री हरिसिंह सतैरिया, उपाध्यक्ष नरेंद्र शर्मा, योगेश बर्मा, कोषाध्यक्ष दामोदर बर्मा, दीपेन्द्र पाल आदि लोग उपस्थित रहे।


