महाराष्ट्र में बंधुआ मजदूर बनाए गए शिवपुरी के 15 आदिवासी, परिजनों ने एसपी कार्यालय पहुँच लगाई मदद की गुहार

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 शिवपुरी जिले के सुभाषपुरा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम सेंवड़ा से रोजगार की तलाश में गए करीब 15 आदिवासियों को महाराष्ट्र के सोलापुर में बंधुआ मजदूर बनाकर रखने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। परिजनों का आरोप है कि उन्हें वहां न केवल प्रताड़ित किया जा रहा है, बल्कि बंधक बनाकर उनसे जबरन काम कराया जा रहा है। बुधवार शाम साढ़े 4 बजे पीड़ित परिजनों ने शिवपुरी पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुँचकर अपने परिजनों की सुरक्षित वापसी के लिए गुहार लगाई है।


ग्रामीणों ने बताया कि गांव का ही  नितेश आदिवासी, करीब दो महीने पहले 15-16 ग्रामीणों को गन्ने की कटाई के काम के लिए महाराष्ट्र ले गया था। परिजनों को आश्वासन दिया गया था कि वे मात्र 15 दिनों में काम निपटाकर वापस लौट आएंगे। लेकिन दो महीने बीत जाने के बाद भी जब वे वापस नहीं लौटे, तो परिजनों की चिंता बढ़ गई।


एसपी ऑफिस पहुंची महिला संता आदिवासी ने बताया कि वहां फंसे मजदूरों में चार युवतियां भी शामिल हैं। मजदूरों से सुबह 3 बजे से रात 9 बजे तक गन्ने के खेतों में कड़ी मेहनत कराई जा रही है। शिकायत के अनुसार, ठेकेदार उन्हें वेतन नहीं दे रहा है और मांगने पर उनके साथ मारपीट की जाती है। मजदूरों को ठीक से खाना भी नहीं दिया जा रहा है और उन्हें एक तरह से कैद करके रखा गया है।


परिजनों ने बताया कि वहां फंसे लोगों ने छिपकर फोन के माध्यम से अपनी आपबीती सुनाई है। उन्होंने रोते हुए बताया कि वे वहां बहुत मुसीबत में हैं और ठेकेदार उन्हें वहां से आने नहीं दे रहा है। मजदूरों ने अपने परिवार से जल्द से जल्द मदद भेजने की अपील की है।

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