संतोष जाटव ने बताया कि यह घटना उस समय हुई जब वह करैरा बाजार से लौट रहे थे। कामक्षा देवी मंदिर के पास एक सफेद स्विफ्ट कार में सवार होकर आए कुछ लोगों ने उनकी गाड़ी रोकी। जैसे ही उन्होंने कार का शीशा नीचे किया, हमलावरों ने उन पर कट्टा तान दिया।
संतोष के अनुसार, वह किसी तरह अपनी गाड़ी स्टार्ट कर वहाँ से भागने में सफल रहे, लेकिन हमलावरों ने उनके पीछे फायरिंग भी की।
पीड़ित ने बताया कि हमले के पीछे मंगल यादव, विकास यादव और मनोज रावत जैसे लोगों का हाथ है, जिन्हें वह क्षेत्र का सक्रिय रेत माफिया बता रहे हैं। संतोष जाटव का कहना है कि वे अपनी ग्राम पंचायत में सरकारी निर्माण कार्यों (जैसे आदिवासी बस्ती में आवास निर्माण) के लिए अपने ट्रैक्टर से बजरी डलवाते हैं, जिससे नाराज होकर ये लोग उन्हें धमकाते हैं।
संतोष जाटव ने बताया कि इस मामले में FIR दर्ज की गई है, लेकिन वे पुलिस की धाराओं से पूरी तरह संतुष्ट नहीं हैं। उनका दावा है कि उनकी 3 तोला सोने की चेन (जिसकी कीमत वर्तमान में करीब 3.5 से 4 लाख रुपये है) लूटी गई है, जबकि FIR में लूट की बजाय 'छीनने' का जिक्र किया गया है।
आज एसपी से मुलाकात के बाद संतोष जाटव ने बताया कि उन्हें निष्पक्ष जांच और उचित कार्रवाई का आश्वासन मिला है। उन्होंने आरोप लगाया कि रेत माफिया प्रशासन के कुछ लोगों के संरक्षण में इस तरह की वारदातों को अंजाम दे रहे हैं।


