ज्ञापन में बताया गया है कि महिलाओं के साथ हो रहे अन्याय और अत्याचार के विरोध में विधायक फूल सिंह बरैया द्वारा दिए गए एक संदर्भ को तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया। आरोप है कि इसी को आधार बनाकर विधायक प्रीतम सिंह लोधी ने सत्ता के नशे में अमर्यादित भाषा का प्रयोग करते हुए नेताओं को अपमानित करने वाला बयान दिया, जो निंदनीय एवं आपराधिक प्रवृत्ति को दर्शाता है।
समर्थकों का कहना है कि इस बयान से न केवल दोनों वरिष्ठ नेताओं का अपमान हुआ है, बल्कि उनके समर्थकों और समाज के विभिन्न वर्गों की भावनाएं भी आहत हुई हैं। आरोप है कि बयान में हिंसा को उकसाने और सार्वजनिक रूप से अपमानित करने जैसी मानसिकता झलकती है, जिससे सामाजिक सौहार्द को ठेस पहुंची है।
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि यदि प्रीतम सिंह लोधी के विरुद्ध शीघ्र कठोर कानूनी कार्रवाई नहीं की जाती है, तो अनुसूचित जाति, जनजाति, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक समाज द्वारा बड़े स्तर पर आंदोलन किया जाएगा, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
फिलहाल पुलिस प्रशासन द्वारा ज्ञापन को संज्ञान में लेने की बात कही गई है। मामले पर आगे की कार्रवाई का इंतजार किया जा रहा है।


