यह निर्णय ग्वालियर–चंबल अंचल के व्यापार, उद्योग और उपभोक्ताओं के लिए बड़ी राहत के रूप में देखा जा रहा है। सिंधिया ने ग्वालियर व्यापार मेले की ऐतिहासिक विरासत, उसके आर्थिक महत्व तथा क्षेत्रीय विकास में उसकी भूमिका को रेखांकित करते हुए ऑटोमोबाइल क्षेत्र को विशेष प्रोत्साहन देने पर बल दिया था, जिसे स्वीकार करते हुए कैबिनेट ने यह जनहितैषी फैसला लिया।
विरासत और विकास का प्रतीक है ग्वालियर व्यापार मेला
ग्वालियर व्यापार मेले की शुरुआत वर्ष 1905 में महाराजा माधवराव सिंधिया द्वारा की गई थी। एक सदी से अधिक की यात्रा में यह मेला एशिया के सबसे बड़े और प्रतिष्ठित व्यापार मेलों में शामिल हो चुका है तथा स्थानीय कारीगरों, व्यापारियों और उद्योगों के लिए एक सशक्त मंच के रूप में स्थापित हुआ है।
केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने इस निर्णय के लिए माननीय मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के प्रति आभार व्यक्त करते हुए सोशल मीडिया पर लिखा है कहा यह कदम ग्वालियर–चंबल अंचल के आर्थिक विकास, व्यापार विस्तार और जनकल्याण को नई मजबूती प्रदान करेगा।



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