महाभारत विजय: श्रीकृष्ण ने कैसे की बगलामुखी देवी की पूजा? जानें गुप्त मंत्र Goddess Baglamukhi Power Destroyer Enemies

0

Temple news:

महाभारत विजय: श्रीकृष्ण ने कैसे की बगलामुखी देवी की पूजा? जानें गुप्त मंत्र Goddess Baglamukhi Power Destroyer Enemies news image

महाभारत विजय: श्रीकृष्ण ने कैसे की बगलामुखी देवी की पूजा? जानें गुप्त मंत्र Goddess Baglamukhi Power Destroyer Enemies

सत्यालेख की रिपोर्ट के अनुसार, मां बगलामुखी दस महाविद्याओं में आठवीं महाविद्या के रूप में पूजी जाती हैं और कलियुग में इनका विशेष महत्व है।

देवी को शक्ति का उग्र रूप माना जाता है, जो शत्रुओं का नाश करने, विजय प्राप्त करने और भय को दूर करने में सहायक हैं।

भक्त अक्सर वाक् और बुद्धि पर नियंत्रण, विपरीत परिस्थितियों से रक्षा और शत्रु बाधाओं को दूर करने के लिए उनकी **पूजा** करते हैं।

पौराणिक मान्यता है कि महाभारत युद्ध से पहले भगवान श्रीकृष्ण और पांडवों ने मां बगलामुखी की साधना की थी, ताकि शीघ्र विजय मिले और शत्रुओं का अंत हो।

इस **धर्म** से जुड़े अनुष्ठान का उद्देश्य दैवीय शक्ति का आह्वान करना था।

मां बगलामुखी की **पूजा** में पीले रंग का विशेष महत्व है।

इसलिए, साधक को स्नान के बाद पीले वस्त्र धारण करने चाहिए।

यह **मंदिरों** में विशेष रूप से फलदायी माना जाता है।

मां बगलामुखी के मंत्रों का जाप एक विशेष विधि से किया जाता है, जो साधक को अद्भुत लाभ प्रदान करता है।

यह **देवता** विशेष रूप से उन लोगों के लिए महत्वपूर्ण हैं जो जीवन में चुनौतियों का सामना कर रहे हैं और आध्यात्मिक मार्गदर्शन की तलाश में हैं।

इस **तीर्थ** की यात्रा भक्तों को शांति और शक्ति प्रदान करती है।

यह **धर्म** और **आध्यात्मिक** पथ पर चलने वालों के लिए एक महत्वपूर्ण अनुष्ठान है।

  • महाभारत युद्ध से पहले श्रीकृष्ण ने की थी मां बगलामुखी की पूजा।
  • मां बगलामुखी शत्रुओं का नाश और विजय प्राप्ति में सहायक मानी जाती हैं।
  • पीले वस्त्र धारण कर मां बगलामुखी की पूजा करने का विशेष महत्व है।

Related: Health Tips | Bollywood Highlights


Posted on 10 January 2026 | Check सत्यालेख.com for more coverage.

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें (0)
/*-- Don't show description on the item page --*/
To Top