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हर्षा रिछारिया का धर्म से मोहभंग: क्या उठाए गए चरित्र पर सवाल? | धर्म Harsha Richhariya Leaves Religious Path
प्रयागराज में, सत्यालेख की रिपोर्ट के अनुसार, महाकुंभ से चर्चा में आईं हर्षा रिछारिया ने धर्म के मार्ग को छोड़ने का ऐलान किया है।
उन्होंने एक वीडियो जारी कर कहा कि महाकुंभ 2025 से शुरू हुई उनकी कहानी अब समाप्त हो रही है।
बीते एक साल में उन्हें कई विरोधों का सामना करना पड़ा।
मौनी अमावस्या के बाद वह धर्म का रास्ता त्याग कर अपने पुराने पेशे में लौट जाएंगी।
हर्षा रिछारिया का कहना है कि किसी भी लड़की के चरित्र पर सवाल उठाना बहुत आसान होता है, लेकिन वह सीता नहीं हैं कि अग्नि परीक्षा दें।
वर्तमान में, वह प्रयागराज माघ मेले में अपने भाई दीपक के साथ हैं।
उन्होंने कहा कि उन्हें बार-बार रोका गया और उनका मनोबल तोड़ा गया।
प्रयागराज से शुरू हुए विरोध के कारण उन्हें लगा था कि महाकुंभ के बाद यह सब खत्म हो जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
उन्होंने धर्म के मार्ग पर चलने की कोशिश की और कोई भी गलत काम नहीं किया, न ही चोरी, अनैतिक कार्य, या किसी के साथ अन्याय किया।
इसके बावजूद, जब भी उन्होंने धर्म के मार्ग पर आगे बढ़ने की कोशिश की, उन्हें रोका गया।
इस घटनाक्रम ने आध्यात्मिक जगत में कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
क्या वाकई धर्म के मार्ग पर चलने वालों को इतनी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है? हर्षा रिछारिया के इस निर्णय ने धर्म और समाज के बीच के संबंधों पर एक नई बहस छेड़ दी है।
- हर्षा रिछारिया ने धर्म का मार्ग छोड़ने की घोषणा की।
- चरित्र पर सवाल उठने से आहत होकर लिया फैसला।
- प्रयागराज माघ मेले में भाई के साथ मौजूद।
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Posted on 13 January 2026 | Follow सत्यालेख.com for the latest updates.
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