रैली में 4000 से 5000 वाहनों के साथ लगभग एक लाख से अधिक लोगों की सहभागिता दर्ज की गई, जिससे पूरा भोपाल सामाजिक चेतना और संवैधानिक मूल्यों के नारों से गूंज उठा।
इस अवसर पर विनोद अंबेडकर, सुनील बैरसिया, सतेंद्र विद्रोही, सुनील अस्तेय, अनिल गुर्जर, दत्तू मेड़े सहित अनेक वरिष्ठ पदाधिकारी, सामाजिक कार्यकर्ता एवं हजारों साथी उपस्थित रहे।
प्रदेशभर से बड़ी संख्या में पहुँचे SC, ST एवं OBC समाज के लोगों ने आडंबर, पाखंड, अंधविश्वास और जातिवाद के विरुद्ध एकजुट होकर अपनी आवाज बुलंद की। रैली के माध्यम से यह स्पष्ट संदेश दिया गया कि संविधान, सामाजिक समानता और न्याय के सिद्धांतों से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
रैली में उपस्थित जनसमूह ने ग्वालियर हाईकोर्ट परिसर में बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर जी की प्रतिमा स्थापना के संकल्प को दोहराया और इसे सामाजिक सम्मान व संवैधानिक अधिकारों से जोड़ते हुए निर्णायक संघर्ष का ऐलान किया।
वक्ताओं ने कहा कि यह रैली केवल एक समर्थन प्रदर्शन नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय, संवैधानिक मूल्यों और समानता की लड़ाई को नई दिशा और ऊर्जा देने वाला आंदोलन है। आने वाले समय में यह एकता और भी व्यापक रूप लेगी।
यह रैली प्रदेश की राजनीति और सामाजिक परिदृश्य में एक मजबूत संदेश छोड़ गई कि जब सवाल संविधान और सम्मान का हो, तब समाज एकजुट होकर सड़कों पर उतरने से पीछे नहीं हटता।
बाल्मिक समाज अधिकारी कर्मचारी संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष कमल किशोर कोड़े ने भी समर्थन किया आउटसोर्स के कर्मचारियों की भर्ती प्रक्रिया को समाप्त करने और संगठन की सभी मांगों को पूर्ण करने का संतोष वर्मा जी पर लगाए गए आरोप के चलते उनके शासन द्वारा कार्रवाई की जा रही है उसे समाप्त कर उन्हें सम्मानजनक पदों पर आसीन किया जाए


