Devotional story:
स्वामी अवधेशानंद जी ने उजागर किया: कैसे जिएं आध्यात्मिक और समृद्ध जीवन Lifestyle Impacts Environment, Concerns Raised
सत्यालेख की रिपोर्ट के अनुसार, जूनापीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद जी गिरि महाराज ने आधुनिक जीवनशैली पर गहरी चिंता व्यक्त की है।
उन्होंने कहा कि हमारी अप्राकृतिक जीवनशैली पर्यावरण को गंभीर नुकसान पहुंचा रही है, जिसका प्रत्यक्ष प्रमाण बढ़ता प्रदूषण है।
हम अपनी सुख-सुविधाओं के लिए लगातार प्रकृति का दोहन कर रहे हैं, जिससे प्राकृतिक संतुलन बिगड़ रहा है।
स्वामी जी के अनुसार, यदि हम सच्चे सुख, मानसिक शांति, ऐश्वर्य और समृद्धि की कामना करते हैं, तो हमें पर्यावरण के प्रति संवेदनशील बनना होगा।
स्वामी अवधेशानंद जी गिरि ने जोर देकर कहा कि पर्यावरण के अनुकूल जीवनशैली अपनाने से ही जीवन के हर क्षेत्र में उन्नति संभव है।
उन्होंने *धर्म* और *आध्यात्मिक* मूल्यों के साथ प्रकृति के संरक्षण को जोड़ने का आह्वान किया।
उनके अनुसार, प्रकृति के साथ तालमेल बिठाकर हम न केवल अपने जीवन को बेहतर बना सकते हैं, बल्कि समाज और राष्ट्र के विकास में भी योगदान कर सकते हैं।
उन्होंने *मंदिरों* और *तीर्थ* स्थलों को भी पर्यावरण संरक्षण के केंद्र के रूप में विकसित करने का सुझाव दिया, जहाँ *पूजा* और *देवता* की आराधना के साथ-साथ प्रकृति के प्रति सम्मान की भावना भी जागृत की जाए।
स्वामी जी का यह संदेश वर्तमान समय में अत्यंत महत्वपूर्ण है, जब जलवायु परिवर्तन और प्रदूषण जैसी वैश्विक चुनौतियाँ हमारे सामने हैं।
स्वामी अवधेशानंद जी का यह जीवन सूत्र हमें प्रकृति के प्रति अधिक जागरूक और संवेदनशील बनने की प्रेरणा देता है, जिससे हम एक बेहतर और समृद्ध भविष्य का निर्माण कर सकें।
- स्वामी अवधेशानंद जी ने अप्राकृतिक जीवनशैली पर जताई चिंता।
- पर्यावरण के अनुकूल जीवनशैली से जीवन में उन्नति संभव: स्वामी जी।
- धर्म और प्रकृति के संरक्षण को स्वामी जी ने बताया महत्वपूर्ण।
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Posted on 06 January 2026 | Visit सत्यालेख.com for more stories.
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