प्रार्थी के अनुसार वह अपने नाम की कृषि भूमि पर वर्षों से खेती कर परिवार का भरण-पोषण कर रहा है। दिनांक 19 मार्च 2026 को शाम लगभग 6:30 बजे वह अपने खेत में मशीन से फसल कटवा रहा था। इसी दौरान मशीन चालक को फोन आया, जिसके बाद उसने फसल काटना रोक दिया। आरोप है कि थोड़ी देर बाद गांव का ही कल्ला परिहार मौके पर पहुंचा और किसान तथा उसकी पत्नी निर्मला परिहार के साथ अभद्र गाली-गलौच करने लगा।
किसान का कहना है कि जब उसकी पत्नी ने विरोध किया तो आरोपी ने खेत को अपना बताते हुए धमकी दी कि फसल यहां से नहीं उठेगी। इसके बाद उसने फोन कर 3-4 अज्ञात लोगों को बुला लिया और झगड़े की स्थिति बन गई। दंपति ने अपनी जान बचाने के लिए वहां से भागकर शरण ली।
पीड़ित के अनुसार बाद में जब वह वापस खेत पर पहुंचे तो कटी हुई फसल गायब मिली। आरोप है कि कल्ला परिहार तथा उसके साथियों ने फसल उठा ली। किसान ने यह भी बताया कि उक्त भूमि को लेकर मामला न्यायालय में विचाराधीन है और वह पिछले 8-9 वर्षों से उसी जमीन पर खेती करता आ रहा है।
आवेदन में आगे आरोप लगाया गया है कि 22 मार्च 2026 को संतोष तिवारी और दीपक तिवारी कथित तौर पर हथियार (कट्टा) लेकर आए और शिकायत वापस लेने व राजीनामा करने के लिए दबाव बनाया। इनकार करने पर जान से मारने की धमकी दी गई।
किसान का कहना है कि स्थानीय थाने में शिकायत के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई, जिससे भय और असुरक्षा का माहौल बना हुआ है।
मांग:
पीड़ित ने पुलिस अधीक्षक से मांग की है कि—
मौके पर जांच कर कटी हुई फसल वापस दिलाई जाए
गाली-गलौच व धमकी देने वालों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए
परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए
फिलहाल पुलिस प्रशासन की ओर से इस मामले में आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ग्रामीण क्षेत्र में इस घटना को लेकर चर्चा और चिंता का माहौल बना हुआ है।


