18 महीने में 73 हादसे, 30 मौतें: खूबत घाटी से कक़रबाया तक 4 जगहों पर रेडियम, साइन बोर्ड लगाने के निर्देश
शिवपुरी | सत्यालेख ब्यूरोनेशनल हाईवे पर बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं पर लगाम लगाने के लिए पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में शनिवार को यातायात पुलिस और NHAI की संयुक्त टीम ने जिले के चार बड़े ब्लैक स्पॉट्स का निरीक्षण किया। टीम ने खूबत घाटी ब्लैक स्पॉट, कटमई तिराहा, नोहरी रेलवे ब्रिज और पिपरसमा चौराहे पर सुरक्षा इंतजामों का जायजा लिया।
क्या मिला निरीक्षण में?
निरीक्षण के दौरान पाया गया कि इन स्थानों पर न तो पर्याप्त रेडियम लगे हैं, न रिफ्लेक्टर और न ही चेतावनी वाले साइन बोर्ड। कई जगहों पर रोड मार्किंग भी मिट चुकी है। इसके अलावा हाईवे किनारे होटल-ढाबा संचालकों द्वारा अवैध कट बना लिए गए हैं, जिससे वाहन अचानक हाईवे पर आ जाते हैं और हादसे होते हैं। सड़क किनारे उगी झाड़ियों के कारण भी चालकों को विजिबिलिटी नहीं मिल पाती।
NHAI को दिए सख्त निर्देश
यातायात पुलिस ने NHAI की टीम को तत्काल चारों स्थानों पर रेडियम, रिफ्लेक्टर, साइन बोर्ड और नई रोड मार्किंग करने के निर्देश दिए। साथ ही हाईवे पर ढाबा एवं होटल संचालकों द्वारा बनाए गए सभी अवैध कटों को बंद करने और सड़क किनारे खड़ी झाड़ियों को हटाने को कहा गया है।
18 महीने में 30 मौतें, 80 घायल
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार पिछले 18 महीनों में सिर्फ खूबत घाटी से कक़रबाया तिराहे के बीच 73 सड़क दुर्घटनाएं हुई हैं। इन हादसों में 80 लोग गंभीर रूप से घायल हुए जबकि 30 लोगों की जान चली गई। सबसे ज्यादा हादसे रात के समय कम विजिबिलिटी और अचानक सामने आने वाले वाहनों के कारण हुए हैं।
यातायात प्रभारी ने कहा
यातायात प्रभारी ने बताया, "पुलिस अधीक्षक महोदय के निर्देश पर यह संयुक्त निरीक्षण किया गया है। हमारा लक्ष्य है कि मानसून से पहले सभी ब्लैक स्पॉट्स पर सुरक्षा उपाय पूरे कर लिए जाएं। NHAI को 15 दिन का समय दिया गया है। इसके बाद दोबारा निरीक्षण होगा। लापरवाही मिलने पर संबंधित एजेंसी पर कार्रवाई की जाएगी।"
कहां-कहां हुआ निरीक्षण
खूबत घाटी ब्लैक स्पॉट: सबसे खतरनाक मोड़, सबसे ज्यादा मौतें
कटमई तिराहा: अवैध कट और झाड़ियों से जीरो विजिबिलिटी
नोहरी रेलवे ब्रिज: ब्रिज के दोनों तरफ साइन बोर्ड नहीं
पिपरसमा चौराहा: ढाबों के कारण दिनभर जाम और हादसे प्रशासन ने दावा किया है कि अगले एक महीने में इन सभी जगहों पर सुधार कार्य पूरा कर लिया जाएगा, जिससे सड़क हादसों में कमी आएगी।


