फसल कटाई के पश्चात् नरवाई को जलाना पूर्णतः प्रतिबंधित, कलेक्टर ने जारी किया आदेश, हार्वेस्टर मशीन संचालक फसल कटाई के उपरांत अवशेष स्थल पर ही भूसा बनाकर अवशेष का निपटान करेंगे

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 शिवपुरी/ कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा ने फसल काटने के उपरांत उसके अवशेषों (पराली / नरवाई) को जलाने से होने वाले वायु प्रदूषण एवं आगजनी की घटनाओं से आमजन के स्वास्थ्य व जानमाल की सुरक्षा हेतु तथा भूमि की उर्वरा शक्ति बनाए रखने के उद्देश्य से आदेश जारी किया है। 

जारी आदेश के तहत शिवपुरी जिला अंतर्गत फसल कटाई के पश्चात् बचने वाले अवशेष को जलाना पूर्णतः प्रतिबंधित किया  है। इसके अतिरिक्त, हार्वेस्टर मशीन संचालकों को यह अनिवार्य होगा कि वह हार्वेस्टर मशीन के साथ-साथ स्ट्रॉ मैनेजमेंट सिस्टम लगाकर या स्ट्रॉ-रीपर यंत्र से फसल कटाई के उपरांत अवशेष से स्थल पर ही भूसा बनाकर अवशेष का निपटान करेंगे। 

प्रत्येक कम्बाईन हार्वेस्टर संचालक फसल कटाई प्रारम्भ करने के पूर्व सहायक कृषि यंत्री, कृषि अभियांत्रिकी शिवपुरी के कार्यालय में अपना पंजीयन करायेंगे।

  स्ट्रॉ मैनेजमेंट सिस्टम या स्ट्रॉ-रीपर का उपयोग किये बिना यदि कोई कृषक फसल कटवाने हेतु दबाव बनाता है तो संबंधित कम्बाईन हार्वेस्टर संचालक इसकी सूचना तत्काल संबंधित ग्राम पंचायत निगरानी अधिकारी / पंचायत सचिव या संबंधित पुलिस थाने / नायब तहसीलदार/ तहसीलदार/ अनुविभागीय दण्डाधिकारी को देना सुनिश्चित करेगा। हार्वेस्टर मशीन एवं स्ट्रॉ मैनेजमेंट सिस्टम या स्ट्रॉ रीपर के उपयोग के दौरान मशीन से निकलने वाली चिंगारी से आगजनी की घटना को रोकने हेतु मशीन संचालक अग्नि सुरक्षा संयंत्र के साथ-साथ आग बुझाने के लिये रेत एवं पानी की व्यवस्था भी सुनिश्चित करेगा।

इसी प्रकार राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के आदेशानुसार किसी भी व्यक्ति अथवा संस्था से उपरोक्त निर्देशों का उल्लंघन पाए जाने पर निम्नानुसार पर्यावरण मुआवजा अदा करना होगा। जिसमें छोटे भूमि मालिक जिनकी भूमि का क्षेत्र 2 एकड़ से कम है, को पर्यावरणीय मुआवजे के रूप में 2,500 रूपये प्रति घटना देना होंगे। भूमि मालिक जिनकी भूमि का क्षेत्र 2 एकड़ से अधिक व 5 एकड़ से कम है, को पर्यावरणीय मुआवजे के रूप में 5,000 रूपये प्रति घटना देना होंगे। भूमि मालिक जिनकी भूमि का क्षेत्र 5 एकड़ से अधिक है, को पर्यावरणीय मुआवजे के रूप में 15,000 रूपये प्रति घटना देना होंगे।

यह भी देखने में आया है कि खेतों के आस-पास लगे ट्रांसफार्मर से कभी-कभी चिंगारी/शॉर्ट सर्किट से भी आगजनी की घटनाएं घटित हो जाती हैं। अतः अधीक्षण यंत्री, मध्यप्रदेश विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड, शिवपुरी पर्याप्त संख्या में दल गठित कर यह सुनिश्चित करेंगे कि ट्रांसफॉर्मर से फसल नष्ट होने का खतरा तो नहीं है। खतरा होने की दशा में कृषक की सहमति से ट्रांसफॉर्मर के आस-पास 10X10 फिट क्षेत्र को खुला रखा जाए, जिससे कि शॉर्ट सर्किट के कारण होने वाली फसल हानि की घटनाओं की रोकथाम की जा सके।

यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू होगा तथा यदि कोई व्यक्ति इस आदेश का उल्लंघन करता हुआ पाया जाता है तो उसके विरुद्ध दण्डात्मक कार्यवाही की जावेगी। साथ ही माननीय राष्ट्रीय हरित अधिकरण के निर्देशानुसार उक्त आदेश में वर्णित अनुसार पर्यावरण मुआवजा अदा करना अनिवार्य होगा। पर्यावरण मुआवजा निर्धारण तथा अर्थ-दण्ड हेतु संबंधित क्षेत्र के अनुविभागीय दण्डाधिकारी अधिकृत होंगे।

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