कलेक्टर अर्पित वर्मा ने तत्काल मार्कफेड के जिला अधिकारी और कृषि विभाग के उपसंचालक से जानकारी ली और व्यवस्थाओं को लेकर निर्देशित किया।
इस मामले में जिला प्रशासन द्वारा वस्तुस्थिति स्पष्ट की गई है।बदरवास में खाद वितरण व्यवस्था पूरी तरह सुचारू है तथा किसानों की सुविधा के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं।
ई-टोकन वितरण केंद्र बीआरसी भवन बदरवास पर किसानों के लिए छाया एवं पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था की गई है। वीआरसी भवन का बरामदा एवं छायादार वृक्ष उपलब्ध हैं। साथ ही पेयजल के लिए 24 घंटे बोरवेल की सुविधा उपलब्ध है। भीषण गर्मी को देखते हुए अतिरिक्त ग्रीन मैटी की व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई है।
कृषक वीआरसी भवन में ई-टोकन स्कैन कर एवं पॉस मशीन में अंगूठा लगाकर लगभग 400 मीटर दूरी पर स्थित मार्कफेड के भंडारण केंद्र से उर्वरक प्राप्त कर रहे हैं। वीआरसी भवन बदरवास से 82 कृषकों द्वारा ई-टोकन स्कैन कर एवं पॉस में अंगूठा लगाकर मार्कफेड भंडारण केंद्र बदरवास से 2.8 मैट्रिक टन यूरिया एवं 28.35 मैट्रिक टन एनपीके उर्वरक प्राप्त किया गया।
वहीं खरीफ सीजन में 1 अप्रैल से आज दिनांक तक 356 कृषकों को ई-विकास प्रणाली के माध्यम से 37.755 मैट्रिक टन यूरिया, 25 मैट्रिक टन डीएपी एवं 65.9 मैट्रिक टन एनपीके उर्वरक उपलब्ध कराया गया है। उक्त अवधि में ई-टोकन के माध्यम से उर्वरक वितरण व्यवस्था को लेकर किसी भी कृषक द्वारा धूप में घंटों लाइन में लगने अथवा छाया एवं पानी संबंधी शिकायत विभाग को प्राप्त नहीं हुई है।
जिले में खाद का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है तथा वितरण कार्य पूरी पारदर्शिता एवं “पहले आओ, पहले पाओ” के आधार पर किया जा रहा है। कृषि विभाग एवं मार्कफेड के अधिकारी-कर्मचारी स्वयं मौके पर मौजूद रहकर व्यवस्थाओं की निगरानी कर रहे हैं।


