100 गोवंशों को सुरक्षित बचाया गया, गौ सेवा समिति और पुलिस की तत्परता से टली बड़ी अनहोनी हर क्षेत्र में गौशालाओं की स्थापना की उठी मांग

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 दिनारा–सिकंदरा मार्ग के वैरियल क्षेत्र, झांसी सीमा के समीप शनिवार को बड़ी संख्या में गोवंश के राष्ट्रीय राजमार्ग पर भटकने की सूचना मिलने से हड़कंप मच गया। गौ सेवा समिति के सदस्यों ने दावा किया कि लगभग 100 गोवंश, जिनमें छोटे-छोटे बछड़े भी शामिल थे, राष्ट्रीय राजमार्ग पर इधर-उधर दौड़ रहे थे, जिससे दुर्घटना की आशंका पैदा हो गई थी। सूचना मिलते ही थदरा चौकी प्रभारी एवं पुलिस स्टाफ मौके पर पहुंचे और गोवंशों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने का प्रयास किया। इस दौरान कई गोवंश तेज रफ्तार वाहनों की चपेट में आने से बाल-बाल बच गए।


गौ सेवा समिति के अनुसार, सूचना मिलते ही समिति के सदस्यों ने तत्काल पुलिस को अवगत कराया, जिसके बाद पुलिस ने सक्रियता दिखाते हुए गोवंशों को सुरक्षित किया। समिति का कहना है कि समय रहते कार्रवाई होने से एक बड़ी अनहोनी टल गई और अनेक गोवंशों की जान बच सकी।


गौ सेवक कल्लू महाराज ने पुलिस की तत्परता की सराहना करते हुए कहा कि समाज और प्रशासन दोनों का दायित्व है कि निराश्रित गोवंशों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। उन्होंने थदरा चौकी प्रभारी एवं समस्त पुलिस स्टाफ का स्वागत और अभिनंदन करते हुए कहा कि प्रत्येक अधिकारी को गौ संरक्षण के प्रति संवेदनशील रहना चाहिए।


गौ सेवा समिति के सदस्य जितेंद्र लोधी, अमित लोधी, शीशपाल लोधी, छोटू पाल एवं दीपक तिवारी ने कहा कि सड़कों पर निराश्रित गोवंशों का घूमना केवल पशुओं के लिए ही नहीं, बल्कि आम नागरिकों और वाहन चालकों के लिए भी गंभीर खतरा है। उन्होंने अपील की कि पशुपालक अपने मवेशियों को खुले में न छोड़ें और उनकी उचित देखभाल करें।


समिति ने यह भी कहा कि यदि प्रत्येक जिले, तहसील और प्रमुख ग्रामीण क्षेत्रों में पर्याप्त संख्या में गौशालाएं स्थापित हों तथा उनका प्रभावी संचालन किया जाए, तो निराश्रित गोवंशों की समस्या काफी हद तक कम हो सकती है। साथ ही पशुपालकों, स्थानीय निकायों और प्रशासन के समन्वय से इस समस्या का स्थायी समाधान निकाला जा सकता है।


गौ सेवक कल्लू महाराज ने प्रधानमंत्री एवं मध्य प्रदेश तथा उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्रियों से आग्रह किया कि गौ संरक्षण को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए प्रत्येक क्षेत्र में सुसज्जित एवं व्यवस्थित गौशालाओं की स्थापना कराई जाए, ताकि कोई भी गोवंश सड़कों पर भटकने को मजबूर न हो।


गौ सेवा समिति ने अंत में संदेश देते हुए कहा कि गौ संरक्षण केवल किसी एक संगठन या प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरे समाज का सामूहिक दायित्व है। समिति ने सभी नागरिकों से अपील की कि यदि कहीं निराश्रित या संकट में गोवंश दिखाई दें तो तत्काल संबंधित प्रशासन एवं पुलिस को सूचना दें, जिससे समय पर उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

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