युवाओं को राष्ट्र प्रथम का भाव रखने का दिया संदेश
शिवपुरी। मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय खंडपीठ ग्वालियर के शासकीय अधिवक्ता डॉ. विक्रम पिप्पल ने युवा विमर्श कार्यक्रम के अंतर्गत शिवपुरी प्रवास के दौरान कहा कि नैतिक शिक्षा,नागरिक शिष्टाचार एवं कुटुंब प्रबोधन से ही समाज में संस्कारों का उदय होता है।
डॉ. पिप्पल ठकुरपुरा स्थित बाबासाहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर पार्क पहुंचे। यहां पूर्व से संचालित नन्हे-मुन्ने बच्चों की निशुल्क कक्षा का अवलोकन किया। इस अवसर पर उन्होंने तथागत गौतम बुद्ध और संविधान निर्माता बाबा साहेब डॉ भीमराव अम्बेडकर को नमन किया। तथा बाबा साहेब के जीवन संघर्ष और राष्ट्र के प्रति समर्पण पर प्रकाश डालते हुए कहा कि पूर्व की सरकारों ने बाबासाहेब को उचित सम्मान नहीं दिया। आज वही लोग संविधान की पुस्तक लेकर चुनाव में जाते हैं।
बच्चों एवं उपस्थित नागरिकों को संबोधित करते हुए डॉ. पिप्पल ने कहा कि आज समाज और परिवार को तोड़ने का षड्यंत्र चल रहा है। इससे बचने के लिए गहन अध्ययन आवश्यक है।
इनका मुख्य उद्देश्य झूठा भ्रम फैलाकर,गलत नैरेटिव खड़ा करके सत्ता के प्रतिष्ठानों को प्राप्त करना है। उक्त सभी आंदोलनों के माध्यम से हमारे देश के राष्ट्रभक्त युवाओं और समाज का उपयोग किया जाता है,जिनके बीच संवाद आवश्यक है और राष्ट्र विरोधी शक्तियों के भ्रामक और मिथ्या विमर्श से सतर्क रहने की आवश्यकता है।
उन्होंने संचालन टीम से आग्रह किया कि बाबासाहेब द्वारा लिखित पुस्तकें जैसे 'भारत का विभाजन' आदि का अध्ययन किया जाए, क्योंकि उनमें राष्ट्र प्रथम का भाव सर्वोपरि है।
इसके पश्चात वार्ड क्रमांक 39 की पार्षद श्रीमती कृष्णा वीरेन्द्र नागर के निवास पर सामाजिक समरसता पर उद्बोधन हुआ। कार्यक्रम के समापन पर नक्षत्र गार्डन में समाज के बुद्धिजीवी वर्ग एवं युवाओं के साथ विचार प्रवाह हुआ। डॉ. पिप्पल ने युवाओं को राष्ट्र के प्रति अपने दायित्वों का बोध कराया और कहा कि चरित्र निर्माण के बिना राष्ट्र निर्माण संभव नहीं।
कार्यक्रम में उपस्थित जनों ने डॉ. पिप्पल के विचारों की सराहना की।


