लंबित मांगों के निराकरण की मांग को लेकर अखिल भारतीय सफाई मजदूर कांग्रेस ने सौंपा ज्ञापन,
सीएमओ व नपा अध्यक्ष से वार्ता नहीं होने पर जताई नाराजगी
शिवपुरी। नगर पालिका में कार्यरत सफाई कर्मचारियों की लंबित मांगों को लेकर अखिल भारतीय सफाई मजदूर कांग्रेस ट्रेड यूनियन ने नगर पालिका प्रशासन के समक्ष ज्ञापन प्रस्तुत कर मांगों के समय-सीमा में निराकरण की मांग उठाई है। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि कर्मचारियों की समस्याओं और लंबित मांगों का शीघ्र समाधान नहीं किया गया तो 25 अगस्त 2026 से सफाई कार्य सहित डोर-टू-डोर कचरा वाहन, पार्कों की सफाई एवं सीवर संबंधी कार्य बंद कर दिए जाएंगे।
संगठन की ओर से दिए गए ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि नगर पालिका शिवपुरी में कार्यरत कर्मचारियों की विभिन्न मांगें लंबे समय से लंबित हैं। इन मांगों के निराकरण को लेकर संगठन द्वारा लगातार नगर पालिका प्रशासन का ध्यान आकर्षित कराया जा रहा है। इसी क्रम में संगठन के पदाधिकारी एवं कर्मचारी 18 अगस्त 2026 को अपनी मांगों के संबंध में मुख्य नगर पालिका अधिकारी एवं नगर पालिका अध्यक्ष से मिलने पहुंचे थे।
ज्ञापन के अनुसार, संगठन का आरोप है कि 18 अगस्त को अपनी समस्याएं रखने के लिए पहुंचने के बावजूद सीएमओ एवं नगर पालिका अध्यक्ष द्वारा कर्मचारियों की मांगों को लेकर कोई वार्ता नहीं की गई और न ही संगठन को बातचीत के लिए बुलाया गया। इससे कर्मचारियों में नाराजगी बनी हुई है।
मांगों का निराकरण नहीं हुआ तो काम बंद
ज्ञापन में संगठन ने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि कर्मचारियों की लंबित मांगों का निराकरण नहीं किया गया तो 25 अगस्त से सफाई कार्य बंद करने के साथ-साथ डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण वाहनों, पार्कों की सफाई तथा सीवर संबंधी कार्यों को भी बंद किया जाएगा। संगठन का कहना है कि कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान एवं लंबित मांगों का निराकरण किया जाना आवश्यक है, ताकि कर्मचारी अपने कार्यों को सुचारू रूप से जारी रख सकें।
संगठन ने नगर पालिका प्रशासन एवं संबंधित अधिकारियों से मांग की है कि कर्मचारियों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए उनके साथ वार्ता की जाए तथा लंबित मांगों पर सकारात्मक निर्णय लेकर समय-सीमा में उनका निराकरण किया जाए।
शहर की सफाई व्यवस्था पर पड़ सकता है असर
यदि संगठन द्वारा दी गई काम बंद करने की चेतावनी पर अमल किया जाता है तो इसका सीधा असर शिवपुरी शहर की सफाई व्यवस्था पर पड़ सकता है। डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण, पार्कों की सफाई, सीवर कार्य एवं नियमित सफाई व्यवस्था प्रभावित होने से शहरवासियों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में अब नगर पालिका प्रशासन और सफाई कर्मचारी संगठन के बीच होने वाली आगामी बातचीत पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।
फिलहाल संगठन ने अपने ज्ञापन के माध्यम से प्रशासन से कर्मचारियों की मांगों पर शीघ्र संज्ञान लेकर समाधान की दिशा में ठोस कदम उठाने की मांग की है।


