शिक्षकों का कहना है कि यह व्यवस्था पूर्णत: अव्यवहारिक है और सिर्फ शिक्षकों पर ही व्यवस्था को लागू करना समाज में उन्हे अपमानित करने जैसा है। शिक्षक समाज में गुरू का स्थान रखता है। 70 से 80 प्रतिशत विद्यालय दूर दराज के ग्रामीण ईलाकों में हैं जहॉ मूलभूत व्यवस्थाओं को लेकर अव्यवस्थायें पूर्व से विद्यमान हैं। ग्रामीण क्षेंत्रों में नेटवर्किंग जैसी तकनीकि, प्राकृतिक एवं व्यवहारिक समस्याओं को लेकर शिक्षक, ई अटेंडेंस जैसी तकनीकि व्यवस्था पर सटीकता से कैसे चल पाएगा। पूर्णत: मोबाईल पर आधारित ई अटेंडेंस व्यवस्था मोबाईल नेटबर्क न आने, खराब हो जाने, चार्जिंग व अन्य समस्या उत्पन्न होने पर शिक्षकों को परेशानी का कारण बनेगी। शिक्षकों का यह भी कहना है कि अगर व्यवस्थाओं की खामियों में सुधार करना ही है तो पहले इस व्यवस्था को प्रदेश के सभी कार्यालयों एवं विभागों में लागू किया जाए तभी म.प्र. शासन के मंशानुसार लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है। विरोध प्रदर्शन एवं ज्ञापन से पूर्व शिक्षकों ने अपनी मांगों के समर्थन में हनुमान मंदिर माधव चैक पर 7 बार हनुमान चालीसा का पाठ एवं अमर शहीद तात्याटोपे स्मारक पर कैंडल जलाकर विरोध प्रकट किया था। तथा ब्लॉक स्तरों पर भी ई अटेंडेंस व्यवस्था को निरस्त करने की मांग को लेकर ज्ञापन दिये गये थे। इस विरोध प्रदर्शन के समय मुख्य रूप सभी शिक्षक संगठनो के पद अधिकारियों एवं आम शिक्षक - अध्यापकों ने बड़ चड़ कर भागीदारी की।
सिर्फ शिक्षा विभाग में ई अटेंडेंस लागू करने को लेकर शिक्षकों में भारी रोष
मंगलवार, जुलाई 01, 2025
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शिवपुरी। मध्यप्रदेश में सिर्फ शिक्षकों पर ई अटेंडेंस व्यवस्था लागू कर जो अविश्वास विभाग ने दर्शाया है उससे शिक्षक समाज में भारी नाराजगी है। ई अटेंडेंस के आदेश निरस्त करने की मांग को लेकर भारी संख्या में शिक्षक कलेक्ट्रेट पहुंचे जहां उन्होंने विरोध प्रकट करते हुए मुख्यमंत्री एवं शिक्षा मंत्री को ज्ञापन डिप्टी कलेक्टर ममता शाक्य को सामूहिक रूप से सौंपा।
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