यदि कागजी आंकड़ा देखा जाए तो तो कोलारस जनपद अंतर्गत करोड़ों की लागत से डेढ़ दर्जन से अधिक गौशाला संचालित हैं। पशुविभाग के निरीक्षण से उक्त गौशालाओं को मध्य प्रदेश शासन द्वारा करोड़ों की राशि भी दी जा रही है, किंतु ग्राम पंचायत डेहरवारा में बेसहारा गोवंश उक्त गौशालाओं के संचालन पर प्रश्न चिन्ह अंकित करता नजर आ रहा है। ग्राम डेहरवाड़ा फोर लाइन हाईवे पर स्थित है इसी कारण सैंकड़ो की तादात में गोवंश खुले में विचरण करते नजर आते हैं एवं आश्रय के लिए डेहरवाड़ा स्थित प्राथमिक, माध्यमिक, हाई स्कूल, आंगनवाड़ी सहित ग्राम पंचायत भवन के प्रांगण में पहुंच जाते हैं एवं संपूर्ण प्रांगण में गंदगी कर देते हैं। ऐसे में स्कूल में आने वाले छात्र-छात्राओं को एवं शिक्षकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
ये बोले जिम्मेदार
-हम बेसहारा मवेशियों को स्कूल प्रांगण में से भगाने के साथ ही गांव से भी हांका लगवा देते हैं, लेकिन यह दोबारा से आ जाते हैं। हमारे पास न कोई विकल्प है और न ही कोई साधन, संसाधन। ऐसे में समस्या का स्थाई समाधान निकालना मुश्किल हो रहा है।
कविता धाकड़
सरपंच ग्राम पंचायत डेहरवारा
-बेसहारा गौवंश स्कूल प्रांगण में एकत्रित हाे रहा है। ऐसे में यह मवेशी स्कूल के ग्राउंड में गंदगी कर देते। सफाई करने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
सुनील खरे
सफाईकर्मी
-स्कूल परिसर में गौवंश के एकत्रित होने से एक तो इस बात का खतरा बना हुआ कि किसी दिन यह मवेशी किसी बच्चे या शिक्षक को घायल न कर दें। वहीं दूसरी ओर गंदगी के कारण उठने वाली दुर्गंध के चलते स्कूल में शिक्षकों और बच्चों को बैठना मुश्किल हो गया है।
अर्चना गुप्ता
शिक्षिका


