लाखन यादव ने बताया कि संबंधित सीमांकन के समय उन्हें न तो मौजा पटवारी द्वारा कोई नोटिस दिया गया और न ही मौखिक सूचना दी गई। जब उनकी माता मौके पर रोकने गईं तो साधू यादव, सोबरन और रामेश्वर ने उनके साथ गाली-गलौच कर उन्हें वहां से भगा दिया।
पीड़ित ने बताया कि विवादित भूमि कृषि योग्य नहीं है और वह वर्षों से इस पर अपने पशुओं को चराते आ रहे हैं। आरोप है कि साधू यादव ने पटवारी से मिलीभगत कर सर्वे नंबर 266 के आधे भाग में अवैध रूप से बाउंड्रीवाल खड़ी कर ली है और इसे अपने खेत (सर्वे नं. 267) में मिला लिया है।
लाखन यादव ने इस संबंध में पहले बैराड़ थाना में आवेदन व एनसीआर दर्ज कराई थी, लेकिन अब तक कोई सुनवाई नहीं हुई। उन्होंने पुलिस अधीक्षक से मांग की है कि अवैध रूप से की गई बाउंड्रीवाल को हटवाया जाए और अनावेदक को केवल अपने सर्वे नंबर 267 तक ही सीमित किया जाए।
पीड़ित ने आशंका जताई है कि यदि प्रशासन द्वारा शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई तो विवाद और गंभीर रूप ले सकता है।


