प्रार्थी बबलू कुशवाह ने बताया कि उनकी स्वामित्व वाली भूमि सर्वे नंबर 1226 (रकबा 0.38 हे.) और 1228 (रकबा 1.05 हे.) ग्राम मेहदेवा में स्थित है। इस भूमि का विधिवत सीमांकन 16 मई 2025 को तहसील पोहरी के माध्यम से किया गया था तथा 18 मई 2025 को पंचनामा एवं फील्ड बुक तैयार कर सीमाचिन्ह (मुड़ियां) स्थापित की गई थीं।
शिकायत में बताया गया कि 03 नवम्बर 2025 को पड़ोसी कृषक महिला अनीता आदिवासी पत्नी रामअवतार आदिवासी, जशोदा पत्नी काशीराम, तथा माखनलाल, लखन और विजय कुशवाह निवासी मानपुर ने एकराय होकर प्रार्थी की भूमि पर कब्जा कर मुड़ियां उखाड़ दीं और जबरन बीज बो दिया। विरोध करने पर आरोपियों ने कहा कि वे “किसी सीमांकन या तहसील न्यायालय को नहीं मानते” और प्रार्थी को धमकी दी कि यदि दोबारा खेत में आया तो उसे व उसके परिवार को जान से मार देंगे या झूठे केस में फंसा देंगे।
घटना की सूचना डायल 112 पुलिस को दी गई, जिस पर पुलिस मौके पर पहुंची और एक ट्रैक्टर जब्त किया, परंतु बाद में आरोपियों से “बात” होने के बाद उसे छोड़ दिया गया।
बबलू कुशवाह ने बताया कि उक्त भूमि ही उनके जीवनयापन का एकमात्र साधन है और अवैध कब्जे के कारण परिवार आर्थिक संकट में है। उन्होंने पुलिस अधीक्षक से मांग की है कि आरोपियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई कर उनकी भूमि का कब्जा मुक्त कराया जाए तथा उनकी और परिवार की जानमाल की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।


