सुरक्षित जल स्रोत ही स्थायी जीवन की नींव है - नरोत्तम वर्मा

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 कोलारस - जब किसी अभियान में आस्था, सहभागिता और पर्यावरण चेतना एक साथ जुड़ जाएँ, तब वह केवल कार्यक्रम नहीं बल्कि आंदोलन बन जाता है। जल संचय अभियान 2025 के अंतर्गत ग्राम पंचायत खरई की चिलावद नदी में बोरी बंधान कार्य इसी सोच का सशक्त उदाहरण बनकर सामने आया है।

मध्य प्रदेश जन अभियान परिषद व प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री की हर गांव, हर समिति, हर घर जल संचय की संकल्पना को धरातल पर उतारते हुए छोटे-छोटे प्राकृतिक नदी व नालों पर बोरी बंधान कर वर्षा जल को सहेजने की पहल की गई। इस कार्य में सामाजिक कार्यकर्ता, पाठ्यक्रम के विद्यार्थियों व ग्राम विकास प्रस्फुटन समिति की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

विकासखंड समन्वयक राम कुमार तिवारी ने कहा कि बोरी बंधान से संचित जल आज पशु-पक्षियों, मवेशियों और जंगली जीवों के लिए जीवनदायिनी बन रहा है। वहीं यह जल धीरे-धीरे भूमि में समाकर भूजल स्तर को संतुलित करने में भी सहायक सिद्ध हो रहा है। यह छोटा सा प्रयास आने वाले समय में बड़े जल संकट से बचाव का मजबूत आधार बन सकता है।

गणेश गोपाल जनसेवा समिति बेरखेड़ी प्रतिनिधि नरोत्तम सुख्खूराम वर्मा ने कहा कि हमने श्रमदान कर यह सिद्ध किया कि जल संरक्षण केवल सरकारी योजना नहीं, बल्कि सामूहिक जिम्मेदारी है।

इस मौके पर परामर्शदाताओ में बृजेश कुशवाहा,राजू कुशवाहा,सुनील सिंह राजपूत, गिरजा कुशवाहा छात्र दीपक कुशवाहा ग्राम विकास प्रस्फुटन समिति सचिव गोलू सोनी,हेमंत धाकड़,गोविंद शर्मा,राहुल

ओझा,सौरभ,राजेंद्र धाकड़ उपस्थित रहे।

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