शिकायत के अनुसार, मोहन जाटव ने कमलागंज क्षेत्र स्थित जाटव मोहल्ला, वार्ड क्रमांक 04 में स्थित एक मकान को 11 दिसंबर 2017 को 3 लाख 10 हजार रुपये में खरीदने का अनुबंध रामदेवी सुमन से किया था। अनुबंध के समय 3 लाख रुपये का भुगतान किया गया तथा शेष 10 हजार रुपये रजिस्ट्री के समय देना तय हुआ। आरोप है कि अनुबंध के साथ ही मकान का कब्जा भी प्रार्थी को सौंप दिया गया था और विक्रेता इंदौर जाकर रहने लगी।
मोहन जाटव का कहना है कि उन्होंने कई बार फोन पर रजिस्ट्री कराने का आग्रह किया, लेकिन रामदेवी सुमन टालमटोल करती रहीं और आश्वासन देती रहीं कि समय मिलने पर रजिस्ट्री करा देंगी। इसी बीच, बिना सूचना दिए 27 अप्रैल 2022 को उक्त मकान की रजिस्ट्री ललिता जाटव के नाम करा दी गई।
प्रार्थी के अनुसार, बाद में ललिता जाटव की ओर से नोटिस प्राप्त हुआ और आरोप है कि उनके पति के साथ मिलकर मकान में रखा सामान भी चोरी कर लिया गया। इसके बाद पूरे मामले का खुलासा हुआ। मोहन जाटव ने इसे सुनियोजित धोखाधड़ी बताते हुए आरोपी रामदेवी सुमन के खिलाफ धोखाधड़ी एवं अमानत में खयानत का मामला दर्ज करने की मांग की है।
प्रार्थी ने अपने आवेदन के साथ भवन विक्रय अनुबंध पत्र, पूर्व में दिए गए आवेदन पत्रों की प्रतियां, कथित नोटिस और मोहल्ले के पंचनामा की प्रति भी संलग्न की है। अब पुलिस अधीक्षक कार्यालय स्तर पर मामले की जांच एवं आगे की कार्रवाई की अपेक्षा की जा रही है।


