Healthy living:
कम नींद: स्वास्थ्य पर गहरा प्रभाव, शरीर में होती है 'गंभीर हलचल' उजागर Sleep Deprivation Health Risks
सत्यालेख की रिपोर्ट के अनुसार, यदि आप भी रोजाना देर रात तक जागकर काम खत्म करने, मोबाइल चलाने या बेवजह वक्त गंवाने के चक्कर में 6 घंटे से कम नींद लेते हैं, तो यह आदत आपके शरीर के भीतर एक गंभीर हलचल पैदा कर सकती है।
शुरुआत में भले ही आपको सिर्फ चिड़चिड़ापन, थकान या शरीर में भारीपन महसूस हो, लेकिन इसका असल नुकसान आपके स्वास्थ्य पर लंबे समय तक बना रहता है।
कम नींद सिर्फ आराम की कमी नहीं, बल्कि यह वह समय होता है जब हमारा शरीर खुद को दुरुस्त करता है, आवश्यक हार्मोनों को संतुलित करता है और मस्तिष्क से विषाक्त पदार्थों को साफ करता है।
6 घंटे से कम की नींद लेने पर यह पूरा तंत्र गड़बड़ाने लगता है, जिससे कई प्रकार की शारीरिक समस्याएं जन्म ले सकती हैं।
यह असंतुलन सबसे पहले हमारे एंडोक्राइन सिस्टम यानी हार्मोनल तंत्र को प्रभावित करता है।
तनाव हार्मोन कोर्टिसोल का स्तर लंबे समय तक बढ़ा रहता है, जिससे शरीर लगातार 'अलर्ट मोड' में रहता है।
यह स्थिति न केवल मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित करती है बल्कि हमारी समग्र फिटनेस पर भी नकारात्मक असर डालती है।
नींद की कमी से रोग प्रतिरोधक क्षमता भी कमजोर पड़ जाती है, जिससे शरीर विभिन्न बीमारियों की चपेट में आसानी से आ सकता है।
विशेषज्ञ डॉक्टर अक्सर इस बात पर जोर देते हैं कि पर्याप्त नींद हमारे दैनिक जीवन के लिए उतनी ही आवश्यक है जितनी कि पौष्टिक आहार और व्यायाम।
लंबे समय तक कम नींद लेने से मधुमेह, हृदय रोग और मोटापे जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।
ऐसे में यदि आप लगातार नींद की कमी महसूस कर रहे हैं और इसके लक्षण आपके जीवन को प्रभावित कर रहे हैं, तो किसी डॉक्टर से सलाह लेना एक समझदारी भरा उपचार हो सकता है।
अपने शरीर को उसका 'रीसेट बटन' दबाने का मौका देना आपके दीर्घकालिक स्वास्थ्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
- कम नींद से शरीर में कोर्टिसोल हार्मोन का स्तर बढ़ता है।
- पर्याप्त नींद न लेने से रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है, बीमारियों का खतरा बढ़ता है।
- स्वास्थ्य के लिए 6 घंटे से अधिक नींद लेना आवश्यक, डॉक्टर से परामर्श लें।
Related: Education Updates | Health Tips
Posted on 22 December 2025 | Visit सत्यालेख.com for more stories.
.jpg)
