World today:
ताइवान पर चीन का शक्ति प्रदर्शन: क्या भारत पर भी होगा असर? | अंतरराष्ट्रीय China Military Drills Heighten Tension
सत्यालेख की रिपोर्ट के अनुसार, ताइवान के आसपास चीन का सैन्य अभ्यास तेज़ हो गया है, जिससे क्षेत्र में तनाव बढ़ गया है।
पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) ने लगातार दूसरे दिन बड़े पैमाने पर युद्धाभ्यास किया, जिसमें दर्जनों रॉकेट दागे गए और बंदरगाहों पर कब्ज़े की रिहर्सल की गई।
चीन इसे “जस्टिस मिशन” बता रहा है, जिसका उद्देश्य ताइवान की “अलगाववादी सोच” और बाहरी हस्तक्षेप को रोकना है।
यह सैन्य अभ्यास साल के अंत से ठीक पहले शुरू किया गया है।
पूर्वी थिएटर कमांड के तहत, चीन ने ताइवान के चारों ओर सात अलग-अलग ज़ोन में मिसाइल, नौसैनिक और वायुसेना की तैनाती की है।
यह युद्धाभ्यास ताइवान को घेरने और बाहरी ताकतों को दूर रखने की चीन की रणनीति का प्रदर्शन है।
हाल ही में अमेरिका ने ताइवान को लगभग 11 अरब डॉलर के हथियार पैकेज की मंजूरी दी थी, जिसमें HIMARS रॉकेट सिस्टम और अन्य आधुनिक हथियार शामिल हैं।
चीन ने इस पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है और दावा किया है कि अभ्यास के दौरान ताइवान को हथियार पहुंचाने वाले जहाजों को भी रोका गया।
इस घटनाक्रम का अंतरराष्ट्रीय स्तर पर असर हो सकता है, क्योंकि विश्व समुदाय इस क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनाए रखने के लिए चिंतित है।
भारत पर भी इसका असर पड़ सकता है क्योंकि भारत के चीन के साथ सीमा विवाद हैं और ताइवान के साथ व्यापारिक रिश्ते भी हैं।
संयुक्त राष्ट्र भी इस मामले पर नजर बनाए हुए है।
- चीन का ताइवान के पास सैन्य अभ्यास, तनाव बढ़ा।
- अमेरिका के हथियार सौदे पर चीन की कड़ी प्रतिक्रिया।
- भारत पर भी पड़ सकता है इस सैन्य अभ्यास का असर।
Related: Education Updates | Top Cricket Updates
Posted on 01 January 2026 | Stay updated with सत्यालेख.com for more news.
.jpg)
