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RBI गवर्नर ने कर्मचारियों को दिया 'ग्राहक-केंद्रित' दृष्टिकोण का मंत्र, वित्त... Rbi Tightens Regulatory Oversight
मुंबई: सत्यालेख की रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने केंद्रीय बैंक के कर्मचारियों से नए साल में नियामकीय संतुलन बनाए रखने और निगरानी व्यवस्था को और सख्त करने का आग्रह किया है।
उन्होंने विशेष रूप से 'ग्राहक-केंद्रित' दृष्टिकोण अपनाने और वित्तीय समावेश को आरबीआई के कामकाज के केंद्र में रखने पर जोर दिया।
मल्होत्रा ने अपने वार्षिक संदेश में कहा कि आरबीआई को मौद्रिक नीति के ढांचे को मजबूत करने, निगरानी को तेज करने, नियमों को परिस्थितियों के अनुरूप ढालने, वित्तीय बाजारों को विस्तार देने, और भुगतान एवं मुद्रा प्रबंधन में सुधार पर ध्यान केंद्रित करना होगा।
उन्होंने कर्मचारियों से अपने ज्ञान को लगातार बढ़ाने, विश्लेषण क्षमता को मजबूत करने, प्रौद्योगिकी को अपनाने और प्रक्रियाओं में लगातार सुधार करने का भी आह्वान किया।
तेजी से बदलते आर्थिक एवं वित्तीय परिदृश्य, प्रौद्योगिकी में बदलाव और वैश्विक आर्थिक घटनाक्रमों के बीच आरबीआई की जिम्मेदारियां आने वाले समय में और बढ़ेंगी।
इससे 'उद्योग' और 'मार्केट' पर गहरा असर पड़ेगा।
'निवेश' और 'शेयर' संबंधी फैसले भी प्रभावित हो सकते हैं।
गवर्नर मल्होत्रा ने कहा कि रिजर्व बैंक को हमेशा अपने लोगों से असली ताकत मिली है, और उन्हें पूरा विश्वास है कि कर्मचारी नई ऊंचाइयों को प्राप्त करने के लिए संगठन को प्रेरित करते रहेंगे।
उन्होंने 'वित्त' के क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा देने और 'वित्तीय' स्थिरता बनाए रखने के महत्व पर भी प्रकाश डाला।
- RBI गवर्नर ने कर्मचारियों को 'ग्राहक-केंद्रित' दृष्टिकोण अपनाने का मंत्र दिया।
- नियामकीय संतुलन और सख्त निगरानी पर जोर दिया गया।
- वित्तीय बाजारों के विस्तार और भुगतान प्रबंधन में सुधार पर ध्यान केंद्रित करने का आह्वान।
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Posted on 01 January 2026 | Stay updated with सत्यालेख.com for more news.
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