आज की कथा में कथा व्यास पंडित आचार्य श्री राजेश कृष्ण जी (दीघोदी वाले) ने भगवान श्रीकृष्ण द्वारा की गई गोवर्धन पूजा की महिमा को अत्यंत सरल, भावपूर्ण और प्रेरक शैली में प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि किस प्रकार भगवान श्रीकृष्ण ने इंद्र के अहंकार को चूर कर भक्तों को प्रकृति और कर्म की महत्ता का संदेश दिया। कथा के दौरान श्रद्धालु भक्ति में लीन होकर “श्रीकृष्ण” के जयकारों से वातावरण को भक्तिमय बना दिया।यह धार्मिक आयोजन प्रतिदिन दोपहर 1:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक निरंतर जारी है, जिसमें श्रद्धालु बड़ी श्रद्धा के साथ कथा श्रवण कर रहे हैं। श्रीमद् भागवत सप्ताह के मुख्य यजमान भरत धाकड़, लालाराम धाकड़ एवं संतोष धाकड़ हैं, जिनके सहयोग से यह आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हो रहा है।कथा स्थल पर समुचित व्यवस्थाएं की गई हैं, जिससे श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। महिलाओं, बुजुर्गों और युवाओं की विशेष उपस्थिति देखने को मिल रही है। आयोजन के माध्यम से क्षेत्र में धार्मिक चेतना, सद्भाव और संस्कारों का संदेश प्रसारित हो रहा है।
श्रद्धालुओं ने कथा व्यास के प्रवचनों की सराहना करते हुए इसे जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने वाला बताया। आगामी दिनों में श्रीमद् भागवत के अन्य महत्वपूर्ण प्रसंगों का रसपान भी श्रद्धालुओं को कराया जाएगा


