कार्यक्रम में स्वतंत्रता संग्राम के महान क्रांतिकारी भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु को विशेष रूप से याद किया गया। उनके साथ ही रानी लक्ष्मीबाई, चंद्रशेखर आजाद, सुभाष चंद्र बोस, महात्मा गांधी और स्वामी विवेकानंद जैसे महापुरुषों के योगदान को भी श्रद्धापूर्वक स्मरण किया गया। वक्ताओं ने कहा कि इन महान विभूतियों के बलिदान के कारण ही आज हम स्वतंत्र भारत में सांस ले पा रहे हैं।
गौ सेवक कल्लू महाराज ने भावुक शब्दों में कहा कि धन्य हैं वे माता-पिता जिन्होंने ऐसे वीर सपूतों को जन्म दिया, जिन्होंने मातृभूमि की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति दे दी। उन्होंने कहा कि इन शहीदों का जीवन आज की युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणा स्रोत है और हमें उनके आदर्शों पर चलकर देश की सेवा करनी चाहिए।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों ने फूल-माला अर्पित कर तथा दीप प्रज्ज्वलित कर शहीदों को श्रद्धांजलि दी। "भारत माता की जय", "भगत सिंह अमर रहें", "सुखदेव अमर रहें", "राजगुरु अमर रहें" जैसे गगनभेदी नारों से पूरा परिसर गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने आरती कर देशभक्ति का संदेश भी दिया।
इस अवसर पर गौ सेवा से जुड़े विषयों को भी उठाया गया। गौ सेवक कल्लू महाराज ने गौ माता के संरक्षण और सेवा के महत्व पर जोर देते हुए उन गौ माताओं के प्रति भी संवेदना व्यक्त की, जो दुर्घटनाओं या अत्याचार का शिकार हो जाती हैं। साथ ही उन्होंने सभी जीव-जंतुओं और मानवता के लिए अपना जीवन समर्पित करने वाले लोगों को भी श्रद्धांजलि अर्पित की।
कार्यक्रम में दीपक तिवारी, रामस्वरूप साहू, संदीप साहू, चंद्रशेखर गुप्ता, धर्मेंद्र लोधी, बहादुर लोधी, दीपक लोधी, पंजाब लोधी, जितेंद्र लोधी, छोटू पाल एवं राजू लोधी सहित अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में देश के लिए बलिदान देने वाले वीरों को नमन किया।
अंत में गौ सेवक कल्लू महाराज ने “धरती सुनहरी, अंबर नीला – कैसा देश है मेरा” का संदेश देते हुए सभी से देशप्रेम और सेवा की भावना को अपने जीवन में उतारने का आह्वान किया। कार्यक्रम का समापन "जय श्री राम" के उद्घोष के साथ हुआ, जिसने पूरे माहौल को और भी भक्तिमय और राष्ट्रभक्ति से ओतप्रोत कर दिया।


