जानकारी के अनुसार 8 मई 2026 को फरियादिया नीलम गुहारिया निवासी एसपीएस स्कूल के सामने शिवपुरी ने कोतवाली थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसकी बेटी पिछले तीन वर्षों से पुष्पेन्द्र चौहान के साथ लिव-इन रिलेशनशिप में इंदौर में रह रही थी। परेशानियों के चलते वह शिवपुरी आकर रहने लगी थी। 8 मई की रात करीब 8:30 बजे पुष्पेन्द्र चौहान अपने 8-10 साथियों के साथ कार से घर पहुंचा और महिला की बेटी व तीन माह की बच्ची को जबरन अपने साथ ले गया। विरोध करने पर फरियादिया और उसके पति के साथ हॉकी और डंडों से मारपीट की गई।
मामले में कोतवाली थाना पुलिस ने विभिन्न धाराओं सहित एससी-एसटी एक्ट और आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस अधीक्षक शिवपुरी यांगचेन डोलकर भूटिया के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संजीव मूले एवं नगर पुलिस अधीक्षक संजय चतुर्वेदी के मार्गदर्शन में टीआई रोहित दुबे ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग टीमें गठित कीं।
पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और सीसीटीवी फुटेज की मदद से पहले मुख्य आरोपी पुष्पेन्द्र चौहान सहित अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया। इसके बाद 17 मई को फरार चल रहे दो इनामी आरोपी कृष्णपाल उर्फ कृष्णा ठाकुर निवासी लालपुर थाना करैरा और शिवम बैस निवासी लालपुर थाना करैरा को झांसी-कोटा मार्ग से गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उन्हें अपहरण की वारदात को अंजाम देने के लिए पैसे देकर शिवपुरी बुलाया गया था।
पुलिस के अनुसार आरोपी कृष्णपाल पर आर्म्स एक्ट और लूट के कई मामले दर्ज हैं, जबकि शिवम पर आर्म्स एक्ट और एनडीपीएस एक्ट के प्रकरण दर्ज हैं। दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया।
इस कार्रवाई में टीआई रोहित दुबे, उनि अंशुल गुप्ता, उनि अमित चतुर्वेदी, उनि सुमित शर्मा, सउनि विवेक भट्ट सहित पुलिस टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।


