बुवाई न होने से किसान आर्थिक संकट में
ज्ञापन में बताया गया है कि 20 जुलाई तक भी जिले में पर्याप्त और नियमित वर्षा नहीं हुई है। वर्षा के अभाव में जिले के अधिकांश क्षेत्रों में अब तक खरीफ फसलों की बुवाई (बोनी) नहीं हो सकी है। जहां बुवाई हुई भी है, वहां बारिश न होने से फसलें प्रभावित होकर सूखने की कगार पर हैं। कुएं, तालाब, नहरें और अन्य छोटे-छोटे जलस्रोत सूख रहे हैं, जिससे पेयजल एवं मवेशियों के चारे का गंभीर संकट खड़ा हो गया है।
पोहरी विधानसभा में हालात अधिक चिंताजनक
विशेष रूप से पोहरी विधानसभा क्षेत्र का जिक्र करते हुए कांग्रेस नेता अशोक सागर ने बताया कि बारिश न होने से यहां किसानों की आजीविका पर बड़ा संकट आ खड़ा हुआ है। किसान इस समय भारी आर्थिक तंगी के दौर से गुजर रहे हैं।
ज्ञापन में की गईं प्रमुख मांगें:
तत्काल सर्वे: पूरे जिले एवं पोहरी विधानसभा क्षेत्र की वास्तविक स्थिति का सर्वे कराकर शासन को सूखाग्रस्त घोषित करने का प्रस्ताव भेजा जाए।
मुआवजा व राहत: किसानों को नियमानुसार राहत राशि, मुआवजा तथा फसल बीमा का लाभ दिलाया जाए।
ऋण वसूली पर रोक: किसानों की ऋण वसूली पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाई जाए।
सहायता सामग्री: किसानों को निःशुल्क बीज, खाद्य सहायता, मवेशियों के लिए चारा एवं पेयजल की समुचित व्यवस्था शीघ्र उपलब्ध कराई जाए।
कांग्रेस उपाध्यक्ष ने उम्मीद जताई है कि प्रशासन किसानों के व्यापक हित को ध्यान में रखते हुए इस विषय पर शीघ्र सकारात्मक व आवश्यक कार्रवाई करेगा।


