समिति के जिला अध्यक्ष राजपाल सिंह गुर्जर ने बताया कि समाज लंबे समय से विभिन्न समस्याओं से जूझ रहा है, लेकिन प्रशासन स्तर पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हो सकी है। इसी कारण समाज को ज्ञापन के माध्यम से अपनी मांगें पुनः प्रशासन के समक्ष रखना पड़ीं।
ज्ञापन में प्रमुख रूप से झिरना सरकार मंदिर परिसर के संरक्षण की मांग उठाई गई। समाज का कहना है कि झिरना सरकार मंदिर केवल गुर्जर समाज ही नहीं बल्कि क्षेत्र के अनेक समुदायों की आस्था का प्रमुख केंद्र है। मंदिर परिसर एवं उससे संबंधित भूमि को चिन्हित कर स्थायी रूप से संरक्षित किया जाए ताकि भविष्य में किसी प्रकार का अतिक्रमण या विवाद उत्पन्न न हो।
इसके साथ ही बलारी माता मंदिर तक सुरक्षित एवं पक्के मार्ग के निर्माण की मांग भी रखी गई। समाज का कहना है कि प्रतिवर्ष हजारों श्रद्धालु माता के दर्शन के लिए पहुंचते हैं, लेकिन मार्ग अत्यंत कठिन और असुविधाजनक होने के कारण श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना करना पड़ता है। ऐसे में शीघ्र सड़क निर्माण कराया जाना आवश्यक है।
ज्ञापन में बगीचा सरकार घटना का भी उल्लेख किया गया। समाज ने आरोप लगाया कि घटना के संबंध में 20 मई 2026 को पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपा गया था, लेकिन अब तक दोषियों के खिलाफ कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है। समाज ने निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की।
सबसे महत्वपूर्ण मांगों में माधव टाइगर रिजर्व क्षेत्र में अधिग्रहित पांच ग्रामों—लखनगवां, हरनगर, मामोनी, डोंगर एवं अर्जुनगवां के विस्थापित परिवारों के पुनर्वास और मुआवजे का मुद्दा शामिल रहा। समाज ने बताया कि इन गांवों की भूमि अधिग्रहित हुए लगभग दो दशक बीत चुके हैं, लेकिन आज भी अनेक परिवार पुनर्वास और मुआवजे की प्रतीक्षा कर रहे हैं। लगभग 70 से 80 परिवारों को अब तक पूर्ण मुआवजा नहीं मिला है, जबकि कई मामलों में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया भी अधूरी है।
विस्थापित परिवारों को पेयजल, सड़क, बिजली, स्वास्थ्य, शिक्षा और आवास जैसी मूलभूत सुविधाओं के अभाव में कठिन परिस्थितियों में जीवन यापन करना पड़ रहा है। समाज ने मांग की कि सभी प्रभावित परिवारों को शीघ्र पुनर्वासित कर लंबित मुआवजा प्रदान किया जाए तथा पुनर्वास स्थलों पर आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।
ज्ञापन सौंपने के दौरान समाज के पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर शीघ्र सकारात्मक कार्रवाई नहीं की गई तो समाज को व्यापक जनआंदोलन के लिए बाध्य होना पड़ेगा। उन्होंने प्रशासन से जनभावनाओं का सम्मान करते हुए सभी मांगों पर गंभीरता से विचार कर त्वरित कार्रवाई करने की अपील की।
इस अवसर पर राष्ट्रीय गुर्जर स्वाभिमान संघर्ष समिति के पदाधिकारी, समाजजन एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।


