भारतीय किसान संघ के जिला अध्यक्ष *बृजेश सिंह धाकड़* ने ज्ञापन में कहा कि प्रशासन द्वारा मां कैला देवी वेयरहाउस परिसर में एक ट्रक से 366 बोरी DAP खाद पकड़ी गई थी, जिसके बाद ट्रक चालक और हेल्पर के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। लेकिन केवल ड्राइवर और हेल्पर पर कार्रवाई कर मामले की इतिश्री करना उचित नहीं है। इतनी बड़ी मात्रा में खाद का परिवहन बिना किसी बड़े नेटवर्क, व्यापारी या प्रभावशाली व्यक्ति की भूमिका के संभव नहीं हो सकता।
ज्ञापन में किसान संघ ने सवाल उठाया है कि जिस वेयरहाउस परिसर में खाद पकड़ी गई, वहां ट्रक किसके निर्देश पर पहुंचा था और खाद किसके लिए उतारी जा रही थी। संघ ने वेयरहाउस मालिक और प्रबंधन की भूमिका की भी जांच कराने की मांग की है तथा पूछा है कि खाद उसी परिसर में मिलने के बावजूद एफआईआर में वेयरहाउस संचालक का नाम क्यों शामिल नहीं किया गया।
किसान संघ ने मांग की है कि खाद कहां से लाई गई, परिवहन की अनुमति किसने दी, ट्रक में खाद की वास्तविक मात्रा कितनी थी और कथित रूप से आधा ट्रक खाद गायब होने की बात में कितनी सच्चाई है, इसकी भी जांच कराई जाए। साथ ही पूरे नेटवर्क में शामिल कथित मास्टरमाइंड, व्यापारियों, बिचौलियों एवं अन्य संबंधित व्यक्तियों की पहचान कर उनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाए।
ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि यदि इस मामले में किसी प्रभावशाली व्यक्ति, जनप्रतिनिधि या राजनीतिक संरक्षण की भूमिका सामने आती है तो उनके विरुद्ध भी निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। किसान संघ ने पूरे प्रकरण की जांच किसी सक्षम अधिकारी अथवा विशेष जांच दल (SIT) से कराने की मांग की है ताकि सच्चाई किसानों और जनता के सामने आ सके।
बृजेश सिंह धाकड़ ने कहा कि एक ओर किसान खाद के लिए परेशान हैं, लंबी कतारों में खड़े होकर खाद लेने को मजबूर हैं, वहीं दूसरी ओर इतनी बड़ी मात्रा में खाद का संदिग्ध रूप से पकड़ा जाना कई गंभीर सवाल खड़े करता है। उन्होंने प्रशासन से मामले की तह तक जाकर दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने की मांग की है।
इस मौके पर जिला प्रचार प्रमुख भानु प्रताप यादव एवं सह प्रचार प्रमुख दीपेंद्र पाल मौजूद रहे।


