गौरतलब है कि आगामी 26 तारीख को मोहर्रम के ताजियों के ठंडे होने की रस्म आयोजित होना है। ऐसे में स्थानीय नागरिकों और समाज के लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सफाई नहीं कराई गई, तो धार्मिक आयोजन प्रभावित हो सकता है और श्रद्धालुओं को परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।
लोगों का कहना है कि त्योहारों के दौरान प्रशासन द्वारा सफाई और व्यवस्थाओं को लेकर दावे किए जाते हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर स्थिति अलग नजर आ रही है। करबला जैसे आस्था से जुड़े स्थल पर जलकुंभी का इस तरह फैल जाना व्यवस्था और निगरानी पर भी सवाल खड़े करता है।
स्थानीय लोगों ने नगरपालिका और जिला प्रशासन से मांग की है कि मोहर्रम से पहले विशेष सफाई अभियान चलाकर करबला परिसर को पूरी तरह साफ कराया जाए, ताकि धार्मिक परंपराएं बिना किसी बाधा के संपन्न हो सकें।
लोगों का कहना है कि यह मामला केवल सफाई का नहीं, बल्कि आस्था और प्रशासनिक जिम्मेदारी से भी जुड़ा हुआ है। अब देखना होगा कि जिम्मेदार विभाग समय रहते इस ओर ध्यान देता है या नहीं।
अपील:
धार्मिक आयोजनों की गरिमा बनाए रखने और श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए संबंधित विभागों से जल्द कार्रवाई की अपेक्षा की जा रही है।


