डॉ. जाटव ने कहा कि प्रदेश सरकार अनुसूचित जनजाति समुदाय के सामाजिक, शैक्षणिक और आर्थिक सशक्तिकरण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। इसी उद्देश्य से आयोग प्रदेशभर के जिलों का दौरा कर जनजातीय समाज से जुड़े मामलों की समीक्षा कर रहा है, ताकि शिकायतों का त्वरित निराकरण हो और पात्र हितग्राहियों को शासन की योजनाओं का पूरा लाभ मिल सके।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि जनजातीय वर्ग से संबंधित प्रकरणों में संवेदनशीलता, पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ कार्य किया जाए। किसी भी स्तर पर लापरवाही या उदासीनता पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी।
पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए डॉ. जाटव ने कहा कि सरकार की मंशा है कि विकास और जनकल्याण की योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। इसके लिए प्रशासन को पूरी ईमानदारी और पारदर्शिता के साथ काम करने के निर्देश दिए गए हैं।
पत्रकार वार्ता के दौरान जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी, विभिन्न विभागों के प्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में पत्रकार उपस्थित रहे। आयोग अध्यक्ष ने भरोसा दिलाया कि जनजातीय समाज के हितों की रक्षा और उनके अधिकारों के संरक्षण के लिए आयोग पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करता रहेगा।


