लंबित राजस्व प्रकरणों के समय-सीमा में निराकरण के निर्देश, बुजुर्ग की शिकायत पर आरआई और पटवारी के खिलाफ कार्रवाई के आदेश
शिवपुरी ! बैराड़ कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा आईएएस ने बैराड़ तहसील कार्यालय का औचक निरीक्षण कर कार्यालयीन व्यवस्थाओं एवं राजस्व प्रकरणों की स्थिति का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान तहसील परिसर में जगह-जगह गंदगी मिलने पर कलेक्टर ने नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को व्यवस्थाओं में तत्काल सुधार के निर्देश दिए।
कलेक्टर अर्पित वर्मा ने सफाई व्यवस्था का निरीक्षण करते हुए सफाई कर्मचारियों को प्रतिदिन नियमित रूप से तहसील परिसर की साफ-सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट रूप से कहा कि शासकीय कार्यालय एवं परिसर में स्वच्छता व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने जिम्मेदार अधिकारियों को सफाई व्यवस्था की नियमित निगरानी करने के निर्देश भी दिए।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने राजस्व संबंधी कार्यों की भी विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने आरसीएमएस पंजी, नामांतरण एवं सीमांकन प्रकरणों की स्थिति की जानकारी लेते हुए लंबित मामलों के निराकरण में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि आमजन से जुड़े राजस्व प्रकरणों का समय-सीमा में निराकरण किया जाए, ताकि लोगों को अपनी छोटी-छोटी समस्याओं के लिए कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।
बुजुर्ग की शिकायत पर तत्काल लिया संज्ञान
औचक निरीक्षण के दौरान एक बुजुर्ग फरियादी ने कलेक्टर श्री अर्पित वर्मा के समक्ष अपनी शिकायत प्रस्तुत की। शिकायत सुनने के बाद कलेक्टर ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल संबंधित अधिकारियों से जानकारी ली। प्रकरण का समय पर निराकरण नहीं किए जाने की बात सामने आने पर उन्होंने नाराजगी व्यक्त की।
कलेक्टर ने मामले में लापरवाही बरतने वाले संबंधित आरआई एवं जिम्मेदार पटवारी के विरुद्ध कार्रवाई करने के निर्देश दिए। कलेक्टर के इस रुख से स्पष्ट संदेश गया कि राजस्व मामलों में लापरवाही और आमजन की शिकायतों के निराकरण में देरी को किसी भी स्थिति में नजरअंदाज नहीं किया जाएगा।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देशित किया कि शासन की योजनाओं एवं राजस्व सेवाओं का लाभ आमजन को समय पर मिले, इसके लिए सभी अधिकारी पूरी जिम्मेदारी और संवेदनशीलता के साथ कार्य करें। उन्होंने कहा कि कार्यालय में आने वाले प्रत्येक नागरिक की समस्या को गंभीरता से सुना जाए और पात्र मामलों का नियमानुसार शीघ्र निराकरण सुनिश्चित किया जाए।
कलेक्टर के औचक निरीक्षण के बाद तहसील कार्यालय के अधिकारियों और कर्मचारियों में भी हड़कंप की स्थिति रही। निरीक्षण को प्रशासनिक व्यवस्थाओं में सुधार और आमजन से जुड़े राजस्व कार्यों में तेजी लाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।


