पदयात्रा के दौरान संगठन के सदस्य हाथों में मांग से संबंधित तख्तियां एवं संदेश लेकर आगे बढ़े। पदयात्रा के माध्यम से केंद्र एवं राज्य सरकार का ध्यान मां जानकी के प्राकट्योत्सव दिवस को राष्ट्रीय स्तर पर घोषित किए जाने की ओर आकर्षित किया गया। इस दौरान वातावरण में धार्मिक एवं सामाजिक संदेशों की गूंज सुनाई दी।
पदयात्रा के उपरांत संगठन के सदस्यों द्वारा जिलाधीश महोदय को महामहिम राष्ट्रपति, राज्यपाल, प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन के माध्यम से मांग की गई कि मां जानकी के प्राकट्योत्सव दिवस अर्थात सीता नवमीं को राष्ट्रीय स्तर पर विशेष दिवस के रूप में घोषित किया जाए। संगठन ने इस मांग को जल्द से जल्द स्वीकार किए जाने की अपील की।
नारी शक्ति की रही विशेष भागीदारी
इस राष्ट्रव्यापी अभियान में महिलाओं की भागीदारी विशेष रूप से देखने को मिली। बड़ी संख्या में नारी शक्ति ने पदयात्रा में शामिल होकर मां जानकी के प्राकट्योत्सव दिवस को घोषित किए जाने की मांग को अपना समर्थन दिया। संगठन के सदस्यों ने कहा कि मां जानकी भारतीय संस्कृति में त्याग, धैर्य, नारी शक्ति और आदर्श जीवन मूल्यों की प्रतीक हैं। ऐसे में उनके प्राकट्योत्सव दिवस को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलना गौरव की बात होगी।
राष्ट्रव्यापी अभियान के तहत जारी रहेगा प्रयास
अंतर्राष्ट्रीय जानकी सेना संगठन के सदस्यों ने कहा कि मां जानकी प्राकट्योत्सव दिवस घोषित किए जाने की मांग को लेकर देशभर में अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में शिवपुरी में भी पैदल पदयात्रा निकालकर ज्ञापन सौंपा गया है। संगठन ने उम्मीद जताई कि सरकार इस मांग पर गंभीरता से विचार करते हुए जल्द सकारात्मक निर्णय लेगी।
कार्यक्रम के दौरान संगठन के पदाधिकारी, सदस्य, महिलाएं एवं बड़ी संख्या में समर्थक मौजूद रहे। पदयात्रा के माध्यम से संगठन ने मां जानकी के प्राकट्योत्सव दिवस को राष्ट्रीय पहचान दिलाने की मांग को बुलंद किया।


