छात्राओं के मुताबिक पहले बस संचालकों द्वारा उनसे 20 रुपए प्रति सवारी किराया लिया जाता था, लेकिन पिछले पांच दिनों से अचानक 40 रुपए प्रति सवारी किराया वसूला जा रहा है। छात्राओं का आरोप है कि बस संचालक अपनी मनमर्जी से किराया वसूल रहे हैं और किराया बढ़ाने के संबंध में उन्हें कोई स्पष्ट जानकारी भी नहीं दी गई।
छात्राओं ने बताया कि वे गरीब परिवारों से हैं और प्रतिदिन शिवपुरी आने-जाने में दोगुना किराया देना उनके लिए आर्थिक रूप से मुश्किल है। अचानक किराया बढ़ने से उनकी पढ़ाई और स्किल डेवलपमेंट की गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं।
छात्राओं ने कलेक्टर से मांग की है कि मामले की जांच कर बस संचालकों द्वारा मनमाने तरीके से वसूले जा रहे किराए पर रोक लगाई जाए तथा छात्राओं और गरीब परिवारों की आर्थिक स्थिति को देखते हुए उचित एवं न्यूनतम किराया निर्धारित कराया जाए।
आवेदन 18 अगस्त 2026 को दिया गया है। आवेदन में प्रियंका मोर्चे, माया मोर्चे, काजल मोर्चे एवं संजना धाकड़ के हस्ताक्षर दर्ज हैं। अब छात्राओं को प्रशासन की कार्रवाई का इंतजार है।


