ग्रामीणों ने अपने आवेदन में बताया कि वे ग्राम हिंदरिया मार, तहसील करैरा, जिला शिवपुरी मध्यप्रदेश के निवासी हैं। गांव से बेसौरा कलां तक जाने के लिए लगभग 800 मीटर तक कोई पक्की सड़क तो दूर, एक कच्चा रास्ता तक नहीं है। शासकीय नक्शे में यह रास्ता दर्ज है, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि कुछ दबंग और रसूखदार लोगों ने शासकीय रास्ते पर अवैध रूप से कब्जा कर रखा है। कब्जे के कारण शासन-प्रशासन द्वारा स्वीकृत सड़क का निर्माण भी नहीं हो पा रहा है।
*बच्चों की पढ़ाई और मरीजों की जान पर बन आती है*
ग्रामीणों का कहना है कि इस रास्ते के न होने से सबसे ज्यादा परेशानी स्कूली बच्चों और बीमार लोगों को होती है। हिंदरिया मार से बेसौरा कलां पढ़ने जाने वाले बच्चों को रोजाना कीचड़ और खेतों से होकर गुजरना पड़ता है। बरसात के दिनों में तो स्थिति और भी भयावह हो जाती है। गांव में कोई बीमार हो जाता है तो उसे अस्पताल ले जाने के लिए भी काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। एम्बुलेंस तक गांव में नहीं पहुंच पाती।
*कई बार दे चुके हैं आवेदन, कोई सुनने वाला नहीं*
ग्रामीणों ने बताया कि यह समस्या आज की नहीं, बल्कि कई वर्षों से चली आ रही है। इस समस्या के निराकरण के लिए ग्रामीण कई बार जिला कलेक्टर महोदय, तहसील कार्यालय और जनपद कार्यालय के चक्कर लगा चुके हैं, कई बार लिखित आवेदन दे चुके हैं। लेकिन आज तक किसी भी अधिकारी ने इस ओर ध्यान नहीं दिया।
ग्रामीणों का दर्द है कि न तो कोई जनप्रतिनिधि सुनता है और न ही कोई अधिकारी सुनता है। सब जगह आवेदन देकर थक चुके हैं। अब करें तो करें क्या? पूरी जनता और ग्रामीण बेबस हो चुके हैं। ऐसा लगता है जैसे गरीब ग्रामीणों की सुनने वाला कोई नहीं है, जबकि दबंगों के आगे प्रशासन भी लाचार नजर आ रहा है।
*हाथ जोड़कर कलेक्टर से न्याय की गुहार*
अंत में समस्त ग्रामवासी, ग्राम हिंदरिया मार ने एक बार फिर हाथ जोड़कर जिला कलेक्टर महोदय शिवपुरी से निवेदन किया है कि इस गंभीर समस्या को व्यक्तिगत रूप से संज्ञान में लेकर शासकीय रास्ते पर हुए अवैध कब्जे को जल्द से जल्द हटवाया जाए और 800 मीटर के इस मार्ग पर रोड का निर्माण करवाया जाए, ताकि गांव वालों और स्कूली बच्चों को आने-जाने में सुविधा मिल सके और वर्षों पुरानी इस समस्या का स्थायी समाधान हो सके।
दिनांक 7-9-2026 को दिया गया यह आवेदन अब देखना होगा कि जिला प्रशासन इस पर क्या कार्रवाई करता है।



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